इंदौर की GDP डबल करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल, नीति आयोग में सांसद शंकर लालवानी ने रखा ‘इंदौर 2030’ ब्लूप्रिंट

इंदौर की GDP को वर्ष 2030 तक दोगुना करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सांसद शंकर लालवानी ने नई दिल्ली में नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. सुमन के. बेरी के समक्ष विस्तृत प्रेजेंटेशन दिया। यह पहली बार है जब नीति आयोग में किसी लोकसभा क्षेत्र की GDP को लेकर ठोस रोडमैप और डेटा आधारित विज़न प्रस्तुत किया गया। इस पहल ने इंदौर के आर्थिक भविष्य को राष्ट्रीय नीति विमर्श के केंद्र में ला दिया है।
नीति आयोग, जिसके अध्यक्ष स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, आमतौर पर राज्य स्तर के विषयों पर चर्चा करता है। ऐसे में किसी सांसद द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र की GDP वृद्धि पर प्रस्तुति देना एक अभिनव और दूरदर्शी पहल मानी जा रही है। सांसद लालवानी द्वारा प्रस्तुत “इंदौर 2030: डबल GDP का ब्लूप्रिंट” को नीति आयोग के वरिष्ठ अर्थशास्त्रियों और पब्लिक पॉलिसी विशेषज्ञों ने व्यावहारिक और देश के अन्य शहरों के लिए अनुकरणीय मॉडल बताया।
प्रेजेंटेशन में उद्योग, शिक्षा, टेक्नोलॉजी, महिला उद्यमिता, एक्सपोर्ट, ग्रीन एनर्जी, हेल्थकेयर, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया। सांसद लालवानी ने बताया कि इस ब्लूप्रिंट को तैयार करने से पहले IIT इंदौर, IIM इंदौर, अन्य शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, व्यापारिक एवं औद्योगिक संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया गया।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. सुमन के. बेरी ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यदि स्थानीय स्तर पर स्पष्ट विज़न, प्रशासनिक सहयोग और संस्थागत भागीदारी हो, तो किसी भी शहर की आर्थिक क्षमता को कई गुना बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सांसद द्वारा प्रस्तुत मॉडल को नीति निर्माण की दिशा में एक नई सोच करार दिया।
इस अवसर पर सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास की नई दिशा पकड़ी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन और नीति आयोग के सहयोग से इंदौर को आर्थिक विकास, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि स्वच्छता में नंबर वन रह चुका इंदौर अब आर्थिक प्रगति में भी देश के लिए उदाहरण बनेगा।






