इंदौर में प्रशासन का नया फॉर्मूला: अब वर्चुअल होगी टीएल बैठक, कलेक्टर शिवम वर्मा बोले- आवाजाही कम, काम तेज

मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और सुगम बनाने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर कार्यालय में आयोजित टीएल बैठक में तय किया गया कि अब टीएल बैठकें वर्चुअल मोड में आयोजित की जाएंगी, ताकि अनावश्यक आवाजाही कम हो और शासकीय कार्यों की गति प्रभावित न हो।
कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बताया गया कि पीएम और सीएम के निर्देशों के तहत प्रशासनिक कार्यों में तकनीक का अधिक उपयोग किया जाएगा। नए सिस्टम के अनुसार संकुल में मौजूद अधिकारी फिजिकल रूप से बैठक में शामिल होंगे, जबकि अन्य अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़ेंगे।
आवाजाही कम होगी, लेकिन काम की गति नहीं रुकेगी
कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्पष्ट कहा कि वर्चुअल व्यवस्था से अधिकारियों की अनावश्यक आवाजाही कम होगी, लेकिन काम की जवाबदेही और गति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं और जनहित के कार्यों को पहले की तरह गंभीरता से पूरा करना होगा।
CM हेल्पलाइन और जन गंगा संवर्धन की समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘जन गंगा संवर्धन अभियान’ और CM हेल्पलाइन के प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और गुणवत्ता के साथ हितग्राहियों तक पहुंचे।
साथ ही CM हेल्पलाइन के मामलों का क्वालिटी डिस्पोजल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी ताकीद की गई।
मिलावटखोरों और फायर सेफ्टी पर भी सख्ती
बैठक में मिलावटखोरों के खिलाफ चल रहे अभियान और शहर की इमारतों में फायर सेफ्टी मानकों की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को इन मामलों में तेजी से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इंदौर प्रशासन का मानना है कि नई वर्चुअल टीएल बैठक व्यवस्था से प्रशासनिक कार्य अधिक तेज, पारदर्शी और प्रभावी होंगे, जबकि सरकारी मशीनरी की जवाबदेही पहले की तरह बनी रहेगी।





