स्टॉक मार्केट में इंडो एसएमसी की सपाट शुरुआत, आईपीओ निवेशकों को मामूली फायदा

इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए इलेक्ट्रिकल प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी इंडो एसएमसी के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में सपाट शुरुआत की, जिससे आईपीओ निवेशकों को केवल मामूली फायदा ही मिल सका। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 149 रुपये के इश्यू प्राइस पर जारी किए गए थे और आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग भी इसी स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के तुरंत बाद बिकवाली के दबाव में कंपनी के शेयर गिरकर 141.55 रुपये के लोअर सर्किट तक पहुंच गए। हालांकि, इसके बाद खरीदारी लौटने से शेयरों ने लोअर सर्किट से रिकवरी की। सुबह 11 बजे तक इंडो एसएमसी के शेयर 149.35 रुपये के स्तर पर कारोबार करते नजर आए।
इंडो एसएमसी का 91.95 करोड़ रुपये का आईपीओ 13 से 16 जनवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। निवेशकों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के चलते यह आईपीओ कुल 110.49 गुना सब्सक्राइब हुआ।
क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB): 94.94 गुना
नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII): 164.59 गुना
रिटेल इन्वेस्टर्स: 96.13 गुना
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 61.71 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने प्लांट विस्तार, नई मशीनरी की खरीद, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और अन्य सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो सेबी के पास दाखिल डीआरएचपी के अनुसार इंडो एसएमसी की सेहत में लगातार सुधार हुआ है।
शुद्ध लाभ:
FY 2022-23: ₹46 लाख
FY 2023-24: ₹3 करोड़
FY 2024-25: ₹15.44 करोड़
अप्रैल-सितंबर 2025: ₹11.46 करोड़
राजस्व:
FY 2022-23: ₹7.30 करोड़
FY 2023-24: ₹28.06 करोड़
FY 2024-25: ₹138.78 करोड़
अप्रैल-सितंबर 2025: ₹112.62 करोड़
हालांकि, इस दौरान कंपनी के कर्ज में भी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली।
FY 2022-23: ₹10.43 करोड़
FY 2023-24: ₹17.70 करोड़
FY 2024-25: ₹35.76 करोड़
30 सितंबर 2025 तक: ₹49.35 करोड़
वहीं रिजर्व और सरप्लस FY 2022-23 के ₹52 लाख से बढ़कर सितंबर 2025 तक ₹30.46 करोड़ के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह कंपनी का EBITDA भी मजबूती से बढ़ा है, जो FY 2022-23 में ₹1.15 करोड़ से बढ़कर FY 2024-25 में ₹22.83 करोड़ और सितंबर 2025 तक ₹17.19 करोड़ रहा।
कुल मिलाकर, इंडो एसएमसी की सपाट लिस्टिंग ने भले ही शॉर्ट-टर्म निवेशकों को निराश किया हो, लेकिन कंपनी की मजबूत वित्तीय ग्रोथ लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए अहम संकेत मानी जा रही है।






