एएफसी अंडर-20 एशियाई कप: शुभांगी सिंह की कप्तानी में भारतीय महिला टीम चुनौती के लिए तैयार

दो दशकों के लंबे इंतजार के बाद भारतीय अंडर-20 महिला फुटबॉल टीम एक बार फिर एएफसी अंडर-20 महिला एशियाई कप में चुनौती पेश करने के लिए तैयार है। टीम की कमान कप्तान शुभांगी सिंह के हाथों में है।
भारत का पहला मुकाबला 2 अप्रैल को जापान के खिलाफ थाईलैंड में खेला जाएगा। टीम ग्रुप-सी में जापान, ऑस्ट्रेलिया और चीनी ताइपेई जैसी मजबूत टीमों के साथ है, जिससे मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।
कप्तान शुभांगी सिंह ने कहा कि टीम का लक्ष्य केवल भाग लेना नहीं, बल्कि शानदार प्रदर्शन करते हुए क्वार्टर फाइनल तक पहुंचना है। उन्होंने कहा, “हमें कोई आसान मैच नहीं मिलेगा, लेकिन हम शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।”
टीम इस समय कोलकाता में प्रशिक्षण कर रही है और 20 मार्च को थाईलैंड के लिए रवाना होगी। तैयारी के तहत टीम ने स्वीडन में एक महीने का कैंप किया, जहां यूरोपीय क्लबों के खिलाफ खेलकर खिलाड़ियों को उच्च स्तर का अनुभव मिला।
इसके अलावा, उज्बेकिस्तान और कजाखस्तान के खिलाफ खेले गए अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैचों ने टीम को शारीरिक रूप से मजबूत विरोधियों के खिलाफ खेलने का अभ्यास दिया। शुभांगी ने बताया कि लंबे समय से साथ खेल रही टीम के खिलाड़ियों के बीच तालमेल बेहतर हुआ है, जो टूर्नामेंट में अहम भूमिका निभाएगा।
टीम के मुख्य कोच जोआकिम एलेक्जेंडरसन के मार्गदर्शन में भारतीय टीम ने आक्रामक और आत्मविश्वासी खेल शैली अपनाई है। कोच ने खिलाड़ियों को बिना डर के खेलने और खुद को अभिव्यक्त करने के लिए प्रेरित किया है।
भारत के लिए सबसे कठिन मुकाबला छह बार की विश्व कप विजेता जापान के खिलाफ होगा। हालांकि, शुभांगी का मानना है कि टीम को विपक्षी की ताकत के बजाय अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए।
इस टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने वाली चार टीमें फीफा अंडर-20 महिला विश्व कप 2026 के लिए क्वालीफाई करेंगी, जो पोलैंड में आयोजित होगा।
कप्तान शुभांगी सिंह ने देशवासियों से समर्थन की अपील करते हुए कहा, “हम हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देंगे। देश का समर्थन हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है।”
भारतीय टीम इस बार सिर्फ भागीदारी नहीं, बल्कि जीत और इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरने जा रही है।






