मलेशिया ओपन: सेमीफाइनल में वांग से हारीं पी.वी. सिंधु, भारत का अभियान समाप्त

📰 सेमीफाइनल में टूटा सिंधु का शानदार सफर
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु का शानदार अभियान शनिवार को मलेशिया ओपन सुपर 1000 टूर्नामेंट के महिला एकल सेमीफाइनल में समाप्त हो गया। सीजन के पहले टूर्नामेंट में सिंधु को चीन की वर्ल्ड नंबर-2 खिलाड़ी वांग झीयी के खिलाफ सीधे गेम में 16-21, 15-21 से हार झेलनी पड़ी।
इस हार के साथ ही टूर्नामेंट में भारत का अभियान पूरी तरह समाप्त हो गया।
🧠 दबाव में चूकीं सिंधु, अनफोर्स्ड एरर पड़े भारी
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधु मुकाबले के अहम पलों में दबाव बनाए रखने में नाकाम रहीं। मैच के दौरान उनसे कई अनफोर्स्ड एरर हुए, जिसका फायदा वांग ने बखूबी उठाया।
यह मुकाबला सिंधु के लिए खास था, क्योंकि वह अक्टूबर 2025 के बाद पहली बार किसी टूर्नामेंट में खेल रही थीं। पैर की चोट से उबरने के बाद यह उनकी वापसी का टूर्नामेंट था।
🥇 पहला गेम: अच्छी शुरुआत, लेकिन वांग की वापसी
मैच की शुरुआत में सिंधु ने ऊंची रैंक वाली प्रतिद्वंद्वी को कड़ी टक्कर दी। दमदार स्मैश और अपने लंबे कद का फायदा उठाते हुए उन्होंने 5-2 की बढ़त बना ली।
हालांकि, वांग की सटीक नेट प्ले और बेहतर टच ने जल्द ही मुकाबला बराबरी पर ला दिया। इंटरवल तक पहुंचते-पहुंचते चीनी खिलाड़ी ने एक अंक की बढ़त बना ली।
ब्रेक के बाद स्कोर 13-13 तक बराबर रहा, लेकिन इसके बाद वांग ने लगातार आक्रामक शॉट्स खेलते हुए पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर लिया।
🔄 दूसरा गेम: बढ़त गंवाना पड़ा महंगा
दूसरे गेम की शुरुआत में सिंधु 1-3 से पीछे हो गईं, लेकिन शानदार रैलियों के दम पर उन्होंने वापसी करते हुए 11-6 की बढ़त के साथ ब्रेक लिया।
ब्रेक के बाद वांग ने आक्रामक रुख अपनाया। सिंधु 13-9 तक आगे रहीं, लेकिन इसके बाद लगातार गलतियों ने मैच का रुख पलट दिया।
स्कोर 13-13 पर बराबर होने के बाद वांग ने बढ़त बना ली और पांच मैच प्वाइंट हासिल किए। अंततः सिंधु का शॉट बैकलाइन के बाहर चला गया और वांग ने दूसरा गेम 21-15 से जीतकर फाइनल में जगह बना ली।
🇮🇳 भारत का अभियान समाप्त, सिंधु का आत्मविश्वास बढ़ा
हालांकि हार के साथ भारत का अभियान खत्म हो गया, लेकिन लंबे ब्रेक के बाद सेमीफाइनल तक पहुंचना सिंधु के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। चोट से वापसी कर रही सिंधु ने पूरे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया और आने वाले टूर्नामेंट्स के लिए आत्मविश्वास हासिल किया।






