कोलंबो विश्वविद्यालय में भारत-श्रीलंका संस्कृत महोत्सव का उद्घाटन, सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगी नई दिशा

कोलंबो। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आज भारत-श्रीलंका संस्कृत महोत्सव का उद्घाटन हुआ। यह सप्ताहभर चलने वाला आयोजन दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और शैक्षणिक संबंधों को नई ऊँचाई देने का प्रयास है। उद्घाटन समारोह का शुभारंभ श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त संतोष झा और श्रीलंका की उप शिक्षा मंत्री डॉ. मधुरा सेनेविरत्ना ने किया।
इस महोत्सव का उद्देश्य संस्कृत को ज्ञान, सद्भाव और शाश्वत बुद्धि की भाषा के रूप में मनाना है। कार्यक्रम का आयोजन स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, श्रीलंका के शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और भारत-श्रीलंका फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है।
उच्चायुक्त संतोष झा ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कृत भारत और श्रीलंका के बीच सभ्यतागत विरासत और सांस्कृतिक एकता का मजबूत सूत्र है। वहीं, डॉ. सेनेविरत्ना ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली में शास्त्रीय ज्ञान परंपरा को बनाए रखने के भारतीय प्रयासों की सराहना की।
सप्ताह भर चलने वाले इस संस्कृत महोत्सव में कार्यशालाएं, व्याख्यान और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी जो संस्कृत की जीवंतता और इसकी आधुनिक प्रासंगिकता को दर्शाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारत-श्रीलंका के बीच ज्ञान और संस्कृति के गहरे संबंधों को और सुदृढ़ करेगी।






