संयुक्त राष्ट्र में ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान के झूठे बयान को भारत ने किया खारिज

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए ऑपरेशन सिंदूर पर उसके झूठे बयान को आज खारिज कर दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि उसके आंतरिक मामलों, विशेषकर जम्मू-कश्मीर पर पाकिस्तान का कोई अधिकार नहीं है।
भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सुरक्षा परिषद में कहा कि पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद का सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल अस्वीकार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
मुख्य बिंदु:
ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान ने इसे झूठा और स्वार्थपूर्ण विवरण प्रस्तुत किया। भारत ने इसे पिछले साल मई में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए संचालित बताया।
सुरक्षा परिषद ने खुद पहलगाम हमले की निंदा की थी और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता पर बल दिया।
भारत ने कहा कि ऑपरेशन संयमित और ज़िम्मेदारीपूर्ण था, और इसका उद्देश्य आतंकवादियों को निष्क्रिय करना था।
जम्मू-कश्मीर: भारत के आंतरिक मामलों पर पाकिस्तान का कोई अधिकार नहीं है। यह क्षेत्र हमेशा भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग रहेगा।
सिंधु जल संधि: भारत ने कहा कि यह समझौता 65 साल पहले सद्भावना और मित्रता के लिए किया गया था, और पहलगाम हमले के बाद इसे तब तक स्थगित रखा जाएगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद का समर्थन नहीं रोकता।
भारत ने पाकिस्तान को कानून के शासन के पालन पर आत्मनिरीक्षण करने की सलाह दी, और पाकिस्तान के 27वें संवैधानिक संशोधन का हवाला दिया।
🔥 निष्कर्ष:
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में स्पष्ट कर दिया कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकवाद को रोकना था, और पाकिस्तान के झूठे दावे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने अस्वीकार्य हैं।






