भारत-ईरान के विदेश मंत्रियों की फोन पर बातचीत, पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा

भारत और ईरान के बीच कूटनीतिक संवाद जारी है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई, जिसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की गई।
एक्स पर दी जानकारी
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात उनकी ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से एक और बातचीत हुई।
इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की।
ईरान ने हमलों को बताया आक्रामक कदम
ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार बातचीत के दौरान अराघची ने अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए कथित आक्रामक कदमों की जानकारी भारतीय विदेश मंत्री को दी।
उन्होंने कहा कि इन कार्रवाइयों का क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
आत्मरक्षा के अधिकार पर जोर
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान की सरकार, जनता और सशस्त्र बल हमलों के खिलाफ अपने वैध आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता की निंदा करने की अपील भी की।
ब्रिक्स मंच की भूमिका पर जोर
अराघची ने ब्रिक्स को बहुपक्षीय सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यह मंच क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता बनाए रखने में रचनात्मक भूमिका निभा सकता है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच चौथी बातचीत
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव के बाद से जयशंकर और अराघची के बीच यह चौथी बातचीत है।
इस संकट के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। पिछली बातचीत में भारत ने व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता का मुद्दा भी उठाया था।






