पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत की चिंता: रक्षा मंत्री बोले- हमले पूरी दुनिया के लिए खतरनाक

पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बीच भारत ने इसे पूरी दुनिया के लिए खतरनाक स्थिति बताया है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने मंगलवार को शीर्ष सैन्य नेतृत्व के साथ बैठक कर देश की सुरक्षा तैयारियों और क्षेत्रीय हालात की समीक्षा की।
उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक
इस अहम बैठक में—
- Anil Chauhan (सीडीएस)
- Upendra Dwivedi
- Amar Preet Singh
- Dinesh K Tripathi
- Samir V Kamat
सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा घटनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
भारत की चिंता: वैश्विक खतरा
रक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में हो रहे हमले सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं।
उन्होंने भारत की रक्षा तैयारियों का आकलन करते हुए आवश्यक सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए।
बढ़ता तनाव और असर
पश्चिम एशिया में संघर्ष अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है। इस दौरान—
- होर्मुज जलमार्ग प्रभावित
- वैश्विक व्यापार पर असर
- ऊर्जा आपूर्ति बाधित
जवाबी हमलों और बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार और आर्थिक स्थिरता पर भी प्रभाव डाला है।
प्रधानमंत्री का बयान
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी संसद में इस मुद्दे को “चिंताजनक” बताया।
उन्होंने कहा कि—
- भारत की तेल और गैस जरूरत का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है
- यह इलाका वैश्विक व्यापार का अहम मार्ग है
- संघर्ष से आर्थिक, सुरक्षा और मानवीय चुनौतियां बढ़ी हैं
वैश्विक अपील
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया के देश इस संघर्ष को जल्द समाप्त करने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।
भारत की रणनीति
सरकार की प्राथमिकता—
- ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखना
- व्यापार मार्गों की रक्षा
- राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करना
फिलहाल भारत स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और बदलते हालात के अनुसार कदम उठाने की तैयारी में है।






