पश्चिम एशिया संकट पर भारत की नजर, नागर विमानन मंत्रालय बोला- यात्री सुरक्षा और उड़ानों की निरंतरता सर्वोपरि

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार का नागर विमानन मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मंत्रालय ने कहा है कि वह पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों और भारत तथा इस क्षेत्र के बीच हवाई यात्रा पर पड़ने वाले प्रभावों की बारीकी से निगरानी कर रहा है।
मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यात्री सुरक्षा और सेवाओं की निरंतरता उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए एयरलाइंस बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी परिचालन व्यवस्था में आवश्यक बदलाव कर रही हैं।
45 उड़ानों से 7407 यात्री पहुंचे भारत
नागर विमानन मंत्रालय के अनुसार सोमवार को भारतीय एयरलाइनों की 45 उड़ानों से कुल 7,407 यात्री पश्चिम एशिया से भारत पहुंचे।
मंत्रालय ने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) अतिरिक्त उड़ानों के लिए आगमन और प्रस्थान स्लॉट उपलब्ध कराने तथा मस्कट अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को वैकल्पिक हवाई अड्डे के रूप में उपयोग करने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहा है।
कई अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों के लिए व्यवस्था
यह व्यवस्था दुबई, अबू धाबी, शारजाह, रस अल खैमाह, अल ऐन, फुजैरा, जद्दाह और मदीना जैसे प्रमुख गंतव्यों से आने-जाने वाली उड़ानों पर लागू होगी।
रियाद के लिए नई उड़ानें शुरू होंगी
मंत्रालय के अनुसार एयरलाइनों की परिचालन योजनाओं से संकेत मिला है कि:
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस जल्द ही रियाद के लिए उड़ानें संचालित करेंगे।
इंडिगो भी मुंबई-रियाद-मुंबई सेवा शुरू करने जा रही है।
अन्य एयरलाइनों को भी दी गई सहायता
मंत्रालय ने बताया कि स्पाइसजेट को क्षेत्र में परिचालन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक हवाई अड्डों की मंजूरी प्राप्त करने में सहायता दी गई है।
इसके अलावा अकासा एयर को भी मुंबई-रियाद-मुंबई सेवा की योजनाबद्ध शुरुआत मौजूदा परिस्थितियों के अनुसार करने की सलाह दी गई है।
सरकार ने कहा है कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।






