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भारत-कंबोडिया के बीच रणनीतिक साझेदारी पर जोर, कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति

भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति और हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए भारत और कंबोडिया के बीच द्विपक्षीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई। विदेश मंत्रालय के सचिव (पूर्व) पी. कुमारन ने 21 से 23 मार्च तक कंबोडिया का आधिकारिक दौरा किया।

नोम पेन्ह में अपने दौरे के दौरान कुमारन ने कंबोडिया के विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग मंत्रालय के राज्य सचिव उन खियांग के साथ वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा और विकास साझेदारी सहित कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की गई।

दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग में हुई प्रगति पर संतोष जताते हुए नए अवसरों की तलाश पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।

कुमारन ने कंबोडिया के विदेश मंत्री प्राक सोखोन से भी मुलाकात की और भारत-कंबोडिया संबंधों को और मजबूत बनाने के उपायों पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने संस्कृति और ललित कला मंत्री फोएर्नग सैकोना से मुलाकात कर सांस्कृतिक सहयोग परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

दौरे के दौरान पी. कुमारन ने भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की छात्रवृत्ति और भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के पूर्व छात्रों से भी संवाद किया, जिससे दोनों देशों के बीच शैक्षणिक और मानव संसाधन सहयोग को बढ़ावा मिलेगा।

सिएम रीप यात्रा के दौरान उन्होंने एशियाई पारंपरिक वस्त्र संग्रहालय और ता प्रोहम मंदिर का दौरा किया, जहां भारत की सहायता से संरक्षण और जीर्णोद्धार कार्य किए जा रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, कंबोडिया भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का महत्वपूर्ण स्तंभ होने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ में एक प्रमुख साझेदार भी है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहराई देने की दिशा में यह दौरा अहम माना जा रहा है।

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