स्वास्थ्य बीमा सेक्टर में तेजी, प्रीमियम 1.2 लाख करोड़ के पार; 9% की वृद्धि दर्ज

देश का स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र लगातार मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। वित्त वर्ष 2024-25 में इस सेक्टर का कुल प्रीमियम 1.2 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है, जबकि वार्षिक आधार पर लगभग 9 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस क्षेत्र की कार्यक्षमता बढ़ाने और पॉलिसीधारकों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने के लिए भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण ने कैशलेस स्वास्थ्य बीमा दावों के निपटान के लिए स्पष्ट समय-सीमाएं निर्धारित की हैं।

कैशलेस क्लेम के लिए तय समय-सीमा

आईआरडीएआई के निर्देशों के अनुसार:

  • कैशलेस प्री-ऑथराइजेशन: 1 घंटे के भीतर
  • फाइनल ऑथराइजेशन: 3 घंटे के भीतर

इन समय-सीमाओं का उद्देश्य दावों के निपटारे में देरी को कम करना और मरीजों को समय पर इलाज सुनिश्चित करना है।

दावों के निपटान में सुधार

स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में दावों के भुगतान अनुपात में भी सुधार देखा गया है:

  • 2022-23: 85.66%
  • 2023-24: 82.46%
  • 2024-25: 87.50%

इसके अलावा ‘बीमा भरोसा’ पोर्टल के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में सामान्य और स्वास्थ्य बीमा से जुड़ी 1,37,361 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 93 फीसदी का निपटारा उसी वर्ष कर दिया गया।

प्रीमियम बढ़ने के कारण

विशेषज्ञों के अनुसार health insurance India growth के पीछे कई प्रमुख कारण हैं, जिनमें पॉलिसीधारकों की बढ़ती उम्र, अधिक कवरेज, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और बढ़ती जागरूकता शामिल हैं।

सरकार और नियामक संस्थाओं के प्रयासों से स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में पारदर्शिता, दक्षता और भरोसा लगातार बढ़ रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में इस सेक्टर के और विस्तार की उम्मीद जताई जा रही है।

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