हरियाणा राज्यसभा चुनाव: बीजेपी के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध विजयी, काउंटिंग में देर रात तक चला घमासान

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव के परिणाम मंगलवार तड़के घोषित हुए, जिसमें एक सीट पर भारतीय जनता पार्टी के संजय भाटिया और दूसरी सीट पर कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध विजयी रहे। यह चुनाव काफी नाटकीय घटनाक्रम और विवादों के बीच संपन्न हुआ और मतगणना लगभग 11 घंटे तक चली।
सोमवार को शाम चार बजे तक हुए मतदान में कुल 90 में से 88 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के विधायक अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। विधायकों की संख्या के आधार पर बीजेपी उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत पहले से लगभग तय मानी जा रही थी।
मतदान के बाद शाम पांच बजे मतगणना शुरू होने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया। बीजेपी ने टोहाना के विधायक परमवीर सिंह और ऐलनाबाद के विधायक भरत सिंह बेनीवाल के वोट पर आपत्ति दर्ज कराते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की। वहीं कांग्रेस ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज के वोट पर सवाल उठाए।
विवाद बढ़ने पर रात करीब साढ़े नौ बजे कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय चुनाव आयोग पहुंचा और औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने जांच के बाद रात लगभग 11:30 बजे परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया, जबकि भरत सिंह बेनीवाल और अनिल विज के वोट को वैध माना गया।
इसके बाद मतगणना दोबारा शुरू हुई। इस दौरान भी कई बार कांग्रेस और बीजेपी नेताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली। मतगणना के आंकड़ों के अनुसार कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि कुल पांच वोट रद्द हो गए, जिनमें एक वोट बीजेपी का भी शामिल था।
इस प्रकार कुल 88 डाले गए वोटों में से 5 वोट रद्द होने के बाद 83 वैध वोट बचे, जिनकी कुल वोट वैल्यू 8300 रही। चुनाव जीतने के लिए एक उम्मीदवार को 2766.66 वोट वैल्यू का कोटा हासिल करना आवश्यक था।
अंतिम परिणाम में बीजेपी के संजय भाटिया को 2766.66 वोट वैल्यू, कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध को 2800 वोट वैल्यू, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को 2733.33 वोट वैल्यू मिली। इस तरह कर्मवीर बौद्ध ने निर्दलीय सतीश नांदल को 0.33 वोट वैल्यू के बेहद मामूली अंतर से हराकर जीत दर्ज की।
हालांकि चुनाव अधिकारी की ओर से इस परिणाम की औपचारिक घोषणा अभी तक जारी नहीं की गई है।






