क्रूज शिप में हंटा वायरस का खतरा, 100 से ज्यादा लोग फंसे; WHO प्रमुख टेनेरिफ पहुंचे, बोले- ‘यह कोविड नहीं’

स्पेन के कैनरी द्वीप समूह के टेनेरिफ के पास एक डच क्रूज शिप में हंटा वायरस फैलने की खबर ने स्वास्थ्य एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। जहाज पर 100 से अधिक लोग सवार हैं, जबकि संदिग्ध संक्रमण के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अधानोम घेब्रेयसस स्वयं स्थिति की निगरानी के लिए टेनेरिफ पहुंच गए हैं।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, जहाज पर हंटा वायरस के संदिग्ध मामले सामने आने के बाद तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आठ लोगों में संक्रमण की आशंका जताई गई है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जहाज पर मौजूद 147 यात्रियों और क्रू सदस्यों में से अधिकांश में फिलहाल कोई लक्षण नहीं दिखाई दिए हैं।
स्थिति को लेकर लोगों में चिंता के बीच डॉ. टेड्रोस ने स्पष्ट किया कि “हंटा वायरस कोविड नहीं है” और स्थानीय आबादी के लिए खतरा फिलहाल कम माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के अनुभव के बाद लोगों की चिंता स्वाभाविक है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि हंटा वायरस की प्रकृति कोरोनावायरस से अलग है।
अधिकारियों के मुताबिक, डच झंडे वाला यह क्रूज शिप रविवार सुबह टेनेरिफ पहुंच सकता है। यात्रियों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष व्यवस्था की जा रही है। अनुमान है कि यूरोपीय संघ (EU) देशों के लिए छह उड़ानें और गैर-EU देशों के लिए चार उड़ानें संचालित की जाएंगी। जहाज पर 17 अमेरिकी नागरिक भी सवार बताए गए हैं, जिन्हें विशेष नावों के जरिए तट तक पहुंचाया जाएगा।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सलाह दी है कि जहाज से निकाले गए यात्रियों को 42 दिनों तक आइसोलेशन में रखा जाए, ताकि वायरस के संभावित प्रसार को रोका जा सके।
जानकारी के अनुसार, यह क्रूज 1 अप्रैल को अर्जेंटीना से रवाना हुआ था और दक्षिण अटलांटिक के कई दूरदराज द्वीपों जैसे ट्रिस्टन दा कुन्हा और सेंट हेलेना पर रुका था। शुरुआती जांच में आशंका जताई गई है कि संक्रमण की शुरुआत एक डच दंपति से हुई, जिन्होंने यात्रा से कुछ महीने पहले दक्षिण अमेरिका का दौरा किया था।
वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नजर अब इस पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है, ताकि संक्रमण को सीमित रखा जा सके और किसी बड़े स्वास्थ्य संकट की संभावना को टाला जा सके।






