सरकार से चर्चा के लिए राजी झारखंड के छात्र: शर्त रखी- मुख्यमंत्री करें प्रतिनिधिमंडल से बात; सोनम वांगचुक ने लगाया वीडियो कॉल

रांची। धरने पर बैठे छात्रों ने सरकार से बातचीत के लिए सहमति जताई है। उन्होंने शर्त रखी है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद छात्र प्रतिनिधिमंडल से बात करें। बैठक के दौरान कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
छात्रों ने रखी मुख्यमंत्री से बातचीत की शर्त
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र 13वें दिन भी धरने पर बैठे हैं। छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि सरकार की ओर से प्रस्ताव लेकर पहुंचे SDO ने छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के नाम मांगे हैं।
सरकार आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही
इसके बाद बैठक की तारीख और समय तय किया जाएगा। आरोप है कि सरकार सिर्फ पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। वहीं, छात्र अपनी मांगों को लेकर बड़े स्तर पर बातचीत चाहते हैं। बुधवार को अनशन कर रहे छात्र देवेंद्रनाथ महतो ने सोनम वांगचुक से बात की।

6 छात्र अनशन पर, CBI-ED जांच की मांग
आंदोलन के दौरान देवेंद्र नाथ महतो समेत 6 छात्र अनशन पर बैठे हैं। छात्रों की मुख्य मांग मामले की जांच CBI और ED से कराने की है। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
CID ने पांच और आरोपियों को किया गिरफ्तार
मामले में जांच कर रही CID ने बुधवार देर रात पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके साथ ही अब तक कुल 19 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस और जांच एजेंसियां मामले में आगे की जांच कर रही हैं।
JPSC रिजल्ट के बाद शुरू हुआ विवाद
बता दें कि 2 जुलाई को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी किया था। इसमें 2,204 उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था। इसके बाद 18 से 20 जुलाई के बीच मेंस परीक्षा आयोजित होनी थी।

परीक्षा प्रक्रिया पर उठाए सवाल
रिजल्ट जारी होने के बाद कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप था कि कट-ऑफ जारी नहीं की गई। इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक उम्मीदवार की कथित OMR शीट वायरल हुई थी।
OMR शीट और हस्ताक्षर को लेकर उठे सवाल
वायरल OMR शीट को लेकर दावा किया गया था कि एक उम्मीदवार ने सिर्फ 48 सवाल हल किए थे। इसके बाद भी उसका चयन मुख्य परीक्षा के लिए हो गया। रिजल्ट पर आयोग के अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं होने पर भी छात्रों ने आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने के बाद JPSC ने मुख्य परीक्षा को रद्द कर दिया था। पूरे मामले की जांच की और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मनाग हो रही है।