ग्लोबल मार्केट से कमजोरी के संकेत, एशियाई बाजारों में बिकवाली का दबाव, गिफ्ट निफ्टी फिसला

ग्लोबल मार्केट से आज कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर एशियाई बाजारों में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। अमेरिकी शेयर बाजार पिछले कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि एशियाई बाजारों में आज आमतौर पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों और तकनीकी शेयरों की चाल पर बनी हुई है।
अमेरिकी बाजार में टेक शेयरों में आई कमजोरी ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। खासतौर पर एनवीडिया के शेयरों में 5.50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना रहा। एस एंड पी 500 इंडेक्स 0.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 6,908.86 अंक के स्तर पर बंद हुआ, जबकि नैस्डेक 279.73 अंक यानी 1.21 प्रतिशत टूटकर 22,872.35 अंक के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि डाउ जॉन्स फ्यूचर्स में आज हल्की मजबूती देखी गई और यह 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 49,499.20 अंक के आसपास कारोबार करता नजर आया।
यूरोपीय बाजारों की बात करें तो वहां पिछले सत्र में खरीदारी का माहौल देखने को मिला। एफटीएसई इंडेक्स 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 10,846.70 अंक पर बंद हुआ। वहीं सीएसी इंडेक्स 0.72 प्रतिशत उछलकर 8,620.93 अंक पर पहुंच गया। इसके अलावा डीएएक्स इंडेक्स भी 0.45 प्रतिशत मजबूत होकर 25,289.02 अंक के स्तर पर बंद हुआ। यूरोप में आई इस तेजी के बावजूद एशियाई बाजारों पर इसका सकारात्मक असर सीमित रहा।
एशियाई बाजारों में आज मिश्रित रुख देखने को मिल रहा है, लेकिन कुल मिलाकर बिकवाली का दबाव हावी है। एशिया के नौ प्रमुख बाजारों में से छह सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। निक्केई इंडेक्स 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 58,753.39 अंक पर कारोबार करता दिखा, जबकि स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स भी 0.27 प्रतिशत मजबूत रहा। दूसरी ओर, गिफ्ट निफ्टी 156.50 अंक यानी 0.61 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,508.50 अंक के स्तर पर फिसल गया, जो भारतीय बाजार के लिए कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है।
इसके अलावा कोस्पी इंडेक्स 0.53 प्रतिशत गिरकर 6,273.77 अंक तक पहुंच गया। हैंग सेंग इंडेक्स में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया, जहां यह 1.46 प्रतिशत टूटकर 26,381.02 अंक के स्तर पर आ गया। जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स 0.27 प्रतिशत, शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 0.17 प्रतिशत और सेट कंपोजिट इंडेक्स 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। ताइवान स्टॉक एक्सचेंज में छुट्टी होने के कारण ताइवान वेटेड इंडेक्स में कोई बदलाव नहीं हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ग्लोबल मार्केट में कमजोरी, टेक शेयरों पर दबाव और निवेशकों की सतर्कता के कारण फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशक आने वाले कारोबारी सत्रों में अमेरिकी और एशियाई बाजारों की दिशा पर खास नजर बनाए रखेंगे। भारतीय शेयर बाजार की चाल भी काफी हद तक इन वैश्विक संकेतों पर निर्भर रहने की संभावना है।






