ग्लोबल मार्केट में कमजोरी के संकेत, एशियाई बाजारों में बिकवाली हावी

ग्लोबल मार्केट से आज कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। वॉल स्ट्रीट में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान गिरावट का माहौल रहा, वहीं डाउ जॉन्स फ्यूचर्स भी आज कमजोरी के साथ कारोबार करता नजर आ रहा है।
अमेरिकी बाजार में निवेशकों के बीच बढ़ती चिंता का कारण पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ता तनाव माना जा रहा है। इसी वजह से एस एंड पी 500 0.41 प्रतिशत गिरकर 7,108.39 अंक पर बंद हुआ, जबकि नैस्डेक 0.89 प्रतिशत टूटकर 24,438.50 अंक पर आ गया।
यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। एफटीएसई 100 और डीएएक्स में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जबकि सीएसी 40 में 0.86 प्रतिशत की तेजी रही। इससे संकेत मिलता है कि वैश्विक निवेशक अभी भी अनिश्चितता के माहौल में सतर्क बने हुए हैं।
एशियाई बाजारों की बात करें तो ज्यादातर सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। हालांकि ताइवान वेटेड इंडेक्स ने 2.40 प्रतिशत की मजबूत बढ़त के साथ बाजार को चौंकाया है, जबकि निक्केई 225 भी हल्की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है।
दूसरी ओर, गिफ्ट निफ्टी 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,035 अंक पर कारोबार कर रहा है, जो भारतीय बाजार के लिए कमजोर शुरुआत के संकेत दे रहा है। जकार्ता कंपोजिट इंडेक्स में 2.48 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई, जबकि कोस्पी इंडेक्स, शंघाई कंपोजिट और हैंग सेंग इंडेक्स भी दबाव में नजर आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहा है, जिससे इक्विटी बाजारों पर दबाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम के आधार पर बाजार की दिशा तय होगी।






