ग्लोबल मार्केट में दबाव: शांति वार्ता विफल होने से एशियाई बाजारों में बिकवाली

वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच शेयर बाजारों में कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका और इजरायल के बीच शांति वार्ता विफल होने के बाद ग्लोबल मार्केट में दबाव बढ़ गया है, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
पिछले कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए थे। S&P 500 0.11 प्रतिशत गिरकर 6,816.89 अंक पर बंद हुआ, जबकि Nasdaq Composite 0.35 प्रतिशत बढ़कर 22,902.89 अंक पर पहुंच गया। हालांकि, शांति वार्ता विफल होने के बाद Dow Jones Futures में बड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है और यह करीब 0.72 प्रतिशत टूटकर 47,570 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
यूरोपीय बाजारों में भी पिछले सत्र के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला। FTSE 100 मामूली गिरावट के साथ 10,600.53 अंक पर बंद हुआ, जबकि DAX लगभग स्थिर रहा। दूसरी ओर CAC 40 में 0.17 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में आज व्यापक बिकवाली का माहौल है। अधिकांश प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। Nikkei 225 1.04 प्रतिशत गिरकर 56,330 अंक के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Hang Seng Index 1.01 प्रतिशत टूटकर 25,632 अंक पर आ गया।
इसी तरह KOSPI 1.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,784 अंक के स्तर पर कारोबार कर रहा है। Shanghai Composite और Straits Times Index में भी कमजोरी बनी हुई है। हालांकि Taiwan Weighted Index मामूली बढ़त के साथ हरे निशान में बना हुआ है।
भारतीय बाजार के संकेतक Gift Nifty में भी बड़ी गिरावट देखी जा रही है। यह 442.50 अंक यानी 1.84 प्रतिशत टूटकर 23,649 अंक के स्तर पर आ गया है, जिससे घरेलू बाजार में भी दबाव के साथ शुरुआत होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब तक वैश्विक स्तर पर तनाव कम नहीं होता, तब तक बाजारों में उतार-चढ़ाव और बिकवाली का दबाव बना रह सकता है।






