लोकसभा से वित्त विधेयक 2026 पारित, सरकार बोली- ‘भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर आगे बढ़ रहा’

लोकसभा में चर्चा के बाद वित्त विधेयक 2026 पारित कर दिया गया है, जो वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार के बजट प्रस्तावों को लागू करने की दिशा में एक अहम कदम है।

32 संशोधनों के साथ मिला अनुमोदन
वित्त विधेयक को सदन ने 32 सरकारी संशोधनों के साथ मंजूरी दी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत तेजी से सुधारों के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है

‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर भारत
सीतारमण ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि देश किसी दबाव में नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और स्पष्ट सोच के साथ सुधार कर रहा है और ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार है

मध्यम वर्ग और विकास पर फोकस
उन्होंने बताया कि वित्त विधेयक 2026-27

  • मध्यम वर्ग को राहत
  • निवेश और रोजगार को बढ़ावा
  • टैक्स सिस्टम को सरल बनाने

पर आधारित है।

सेस से ज्यादा खर्च राज्यों पर
वित्त मंत्री ने कहा कि 2019 से 2024/25 के बीच 15.14 लाख करोड़ रुपये सेस के रूप में जुटाए गए, जबकि राज्यों को योजनाओं के तहत 15.97 लाख करोड़ रुपये दिए गए।

PLI योजना पर भी दिया जवाब
सीतारमण ने कहा कि यदि PLI योजना प्रभावी नहीं होती, तो राज्यों ने इसे अपनाया क्यों? उन्होंने इस योजना को रोजगार और निवेश बढ़ाने में अहम बताया।


🧾 केंद्रीय बजट 2026-27 के मुख्य बिंदु

  • इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल एक्सपेंडिचर पर जोर
  • युवाशक्ति और रोजगार सृजन योजनाएं
  • MSME सेक्टर के लिए क्रेडिट और इंसेंटिव
  • मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को बढ़ावा
  • ग्रीन एनर्जी, डिजिटल गवर्नेंस और शहरी विकास पर फोकस
  • शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण में निवेश

📊 क्या होता है वित्त विधेयक?

वित्त विधेयक एक वार्षिक वित्तीय दस्तावेज होता है, जो बजट के बाद

  • टैक्स दरों में बदलाव
  • ड्यूटी और शुल्क लागू करने
  • राजस्व बढ़ाने

के लिए संसद में पेश किया जाता है।

यह संविधान के अनुच्छेद 110 (धन विधेयक) या अनुच्छेद 117 (वित्तीय विधेयक) के तहत आता है और लोकसभा से पारित होने के बाद वित्त अधिनियम बन जाता है।

Share

Similar Posts