सरकार बनाएगी 1 लाख करोड़ रुपये का ‘आर्थिक स्थिरीकरण कोष’, वैश्विक संकट से निपटने में मिलेगी मदद

केंद्र सरकार वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का ‘आर्थिक स्थिरीकरण कोष’ (Economic Stabilisation Fund) स्थापित करने जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में यह घोषणा की।
वैश्विक संकट से निपटने के लिए बनेगा कोष
लोकसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह कोष वैश्विक स्तर पर आने वाली अस्थिर आर्थिक चुनौतियों और संकटों का मुकाबला करने में ‘बफर’ के रूप में काम करेगा।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट जैसी आकस्मिक परिस्थितियों से निपटने के लिए यह कोष भारत की वित्तीय मजबूती को और सुदृढ़ करेगा।
अनुपूरक मांगों को लोकसभा की मंजूरी
सरकार ने अनुदान की अनुपूरक मांगों के दूसरे बैच के जरिए मौजूदा वित्त वर्ष में 2.81 लाख करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय के लिए लोकसभा से मंजूरी मांगी थी, जिसे सदन ने मंजूर कर दिया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि 80,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्राप्तियों के साथ कुल अतिरिक्त नकदी व्यय करीब 2.01 लाख करोड़ रुपये रहेगा।
राजकोषीय घाटा रहेगा नियंत्रित
निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राजकोषीय घाटा संशोधित अनुमानों (RE) के भीतर ही रहेगा।
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि किसानों के लिए उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी और अनुपूरक मांगों में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है।
विपक्ष पर साधा निशाना
वित्त मंत्री ने चर्चा के दौरान विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब सरकार सप्लाई चेन में रुकावट या एलपीजी जैसे मुद्दों से निपटने की तैयारी के बारे में बता रही है, तब विपक्ष उनका जवाब सुनने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष अपना अलग एजेंडा चला रहा है और गंभीर आर्थिक मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहा है।






