धार में 8 सालों से किराए के मकान में चल रहा सरकारी स्कूल: एक साथ पढ़ रहे सारे बच्चें; 2017 में मिली थी स्वीकृति

धार/सरदारपुर। ग्राम जुलवानिया खुर्द में प्राइमेरी स्कूल की अपनी बिल्डिंग ही नहीं है। 8 सालों से यह सरकारी स्कूल एक किराए के निजी मकान में सिमटा हुआ है।
पहली से पांचवीं तक के नौनिहाल एक ही कमरे में बैठकर अपना भविष्य गढ़ने को मजबूर हैं। सरकार ने 2016-17 में गांव में ही प्राथमिक स्कूल की स्वीकृति दे दी थी।
इस एक कमरे के किराए के मकान में कुछ भी सुविधा नहीं है। पहली से पांचवीं कक्षा तक के सभी छात्र-छात्राओं की पढ़ाई एक साथ एक ही कमरे में कराई जाती है।
ना मैदान, ना शौचालय
स्कूल परिसर में न तो बच्चों के लिए शौचालय की व्यवस्था है और न ही उनके खेलने के लिए कोई मैदान। सुविधाओं के नाम पर केवल एक कमरा है, जहां बच्चे रोजाना बदहाली के बीच शिक्षा हासिल कर रहे हैं।
कार्यालयों को कई बार भेजे प्रस्ताव
स्कूल की शिक्षिका अंजना सोलंकी ने बताया कि भवन निर्माण और समस्याओं को लेकर कई बार ठहराव प्रस्ताव बनाकर वरिष्ठ कार्यालयों को भेजे जा चुके हैं। इसके बावजूद आज तक न तो शासन की ओर से कोई सुध ली गई और न ही भवन निर्माण कार्य शुरू हो सका। जिम्मेदार अधिकारियों की इस लापरवाही का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।