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डीजीसीए ने गैर-निर्धारित उड़ान संचालकों के लिए नियम सख्त किए, पायलट अकेले जिम्मेदार नहीं

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बढ़ती विमान दुर्घटनाओं को देखते हुए चार्टर और गैर-निर्धारित उड़ान संचालकों के लिए सुरक्षा नियमों को कड़ा कर दिया है। यह फैसला कल उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया।

डीजीसीए ने कहा कि चार्टर और वीआईपी उड़ानों सहित सभी गैर अधिसूचित उड़ानों के संचालन में सुरक्षा के दृष्टिकोण से अंतिम निर्णय कमांडर-पायलट का होगा। हालांकि, अब किसी भी सिस्टम खामी या सुरक्षा उल्लंघन के लिए पायलट को अकेले दोषी नहीं ठहराया जाएगा; वरिष्ठ प्रबंधन भी जिम्मेदार होगा।

नए निर्देशों के तहत विमान संचालकों को विमान की उम्र, मेंटेनेंस हिस्ट्री और पायलटों के अनुभव जैसे प्रमुख सुरक्षा विवरण सार्वजनिक करने होंगे। इसके साथ ही, डीजीसीए सुरक्षा रैंकिंग, कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) निगरानी और डाडा ऑडिट की भी शुरुआत करेगा।

इस पहल का उद्देश्य गैर-निर्धारित उड़ानों की सुरक्षा मानकों को बढ़ाना, दुर्घटनाओं को रोकना और सभी स्तरों पर जिम्मेदारी सुनिश्चित करना है।

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