चार साल बाद जम्मू-कश्मीर में फिर शुरू हुई दरबार स्थानांतरण की परंपरा, उमर अब्दुल्ला सरकार ने की बहाली

जम्मू, 27 अक्टूबर 2025 —
लगभग चार वर्षों के अंतराल के बाद जम्मू-कश्मीर में दरबार स्थानांतरण की परंपरा एक बार फिर से शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने इस ऐतिहासिक परंपरा को पुनः बहाल करने का निर्णय लिया है।
दरबार स्थानांतरण से पहले, अगस्त में हुई रिकॉर्ड वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य तेज़ी से जारी है। मजदूर सड़कों के किनारे रंगाई-पुताई और सौंदर्यीकरण कार्य में लगे हैं। नागरिक सचिवालय और राजभवन परिसर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
270 किलोमीटर लंबे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि दरबार मूव की प्रक्रिया सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।
दरअसल, वर्ष 2021 में उपराज्यपाल प्रशासन द्वारा इस परंपरा को रोक दिया गया था, लेकिन अब नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार ने इसे राज्य की संविधानिक और ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक बताते हुए पुनः शुरू किया है।
दरबार स्थानांतरण के तहत, जम्मू और श्रीनगर में प्रशासनिक कामकाज सर्दी और गर्मी के मौसम के अनुसार स्थानांतरित किया जाता है — यह परंपरा ब्रिटिश काल से चली आ रही है।






