लोकसभा में पेश हुआ कॉर्पोरेट कानून संशोधन विधेयक 2026, छोटे कारोबारियों को मिलेगी राहत

निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इस विधेयक का उद्देश्य व्यापार को आसान बनाना और छोटे कारोबारियों, स्टार्टअप्स तथा किसान उत्पादक कंपनियों के लिए नियमों को सरल करना है।
📜 किन कानूनों में होगा संशोधन
यह विधेयक दो प्रमुख कानूनों में बदलाव के लिए लाया गया है:
- सीमित दायित्व भागीदारी अधिनियम, 2008
- कंपनी अधिनियम, 2013
इससे पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 मार्च को इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।
⚖️ मुख्य प्रावधान क्या हैं?
विधेयक में कई महत्वपूर्ण बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं:
- छोटे अपराधों को डी-क्रिमिनलाइज करना
- आपराधिक मामलों की जगह सिविल पेनल्टी (जुर्माना) लागू करना
- स्टार्टअप्स और MSME के लिए कंप्लायंस बोझ कम करना
- कंपनियों के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बढ़ाना
💡 क्यों जरूरी है यह विधेयक?
सरकार का मानना है कि:
- छोटी प्रक्रियात्मक गलतियों को अपराध मानना उचित नहीं
- इससे व्यवसायों पर अनावश्यक दबाव बनता है
- नियमों को सरल बनाने से निवेश और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा
🔄 पहले भी हुए हैं बदलाव
- कंपनी अधिनियम, 2013 में 2015 के बाद कई संशोधन किए जा चुके हैं
- एलएलपी अधिनियम, 2008 में 2021 में भी सुधार किए गए थे
📈 कारोबार को मिलेगा फायदा
इस विधेयक से:
- स्टार्टअप्स को राहत
- छोटे व्यापारियों के लिए आसान नियम
- किसान उत्पादक कंपनियों को प्रोत्साहन






