मनरेगा पर कांग्रेस 22 जनवरी को दिल्ली में करेगी राष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) को लेकर कांग्रेस पार्टी 22 जनवरी को राजधानी दिल्ली में एक राष्ट्रीय संवाद कार्यक्रम आयोजित करेगी। यह कार्यक्रम दिल्ली के जवाहर भवन में होगा, जिसमें देश के करीब 25 राज्यों से 400 से अधिक मनरेगा श्रमिक और कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे।
बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पार्टी नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि मनरेगा लोगों को अधिकार के रूप में मिला था, लेकिन भाजपा सरकार ने इस अधिकार को कमजोर किया है। कांग्रेस इसका लगातार विरोध कर रही है और मनरेगा की बहाली के लिए देशव्यापी आंदोलन चला रही है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने मनरेगा के तहत काम किया है, उनके अनुभव और विचारों को सामने लाने के उद्देश्य से यह संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
संदीप दीक्षित ने बताया कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे। इस राष्ट्रीय संवाद के माध्यम से देशभर में मनरेगा को लेकर चल रहे आंदोलन की आगामी दिशा और रणनीति तय की जाएगी।
इस कार्यक्रम की एक खास विशेषता यह होगी कि अलग-अलग राज्यों से आने वाले कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्र की मिट्टी साथ लाएंगे। इन सभी मिट्टियों को मिलाकर जवाहर भवन परिसर में एक पौधा लगाया जाएगा, जिसे मनरेगा और मजदूरों के संघर्ष का प्रतीक माना जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि बैठक में इस बात पर भी चर्चा होगी कि मनरेगा का नाम और स्वरूप किस तरह बदला गया और इसके पीछे सरकार की मंशा क्या रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मनरेगा की मूल भावना को कमजोर कर रही है और भाजपा द्वारा लाए गए नए कानूनों का कांग्रेस विरोध करती रहेगी।
संदीप दीक्षित ने कहा कि कोविड काल में मनरेगा करोड़ों लोगों के लिए संजीवनी साबित हुआ था। इस योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, स्कूलों, पंचायत भवनों, तालाबों और जल संरक्षण के कार्यों को मजबूती दी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा दिया।
कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के गरीब और मजदूर वर्ग के लिए जीवनरेखा है, जिसे कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।




