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छत्तीसगढ़ में 60 हजार से अधिक बीपीएल राशन कार्ड रद्द, इनकम टैक्सदाताओं को अपात्र घोषित

छत्तीसगढ़ में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत ई-केवाईसी अनिवार्य किए जाने के बाद राज्य में 60,000 से अधिक बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) राशन कार्ड रद्द कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई उन कार्डधारकों के खिलाफ हुई, जो इनकम टैक्स के दायरे में आते हैं या बैंक लेनदेन में पारदर्शिता नियम का उल्लंघन कर रहे हैं

राज्य में राशन कार्ड का हाल:
जनवरी 2026 तक छत्तीसगढ़ में राशन कार्डों की कुल संख्या 82,36,041 है, जिससे लगभग 2.73 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। बीपीएल और अन्य रियायती कार्ड प्रमुख हैं। बीपीएल श्रेणी के तहत प्राथमिकता वाले परिवार लगभग 57.87 लाख हैं, अंत्योदय अन्न योजना के तहत लगभग 15.51 लाख परिवार शामिल हैं।

सत्यापन प्रक्रिया:
खाद्य विभाग ने बताया कि सत्यापन के दौरान हर बीपीएल कार्डधारक के बैंक खाते के वार्षिक लेनदेन की जांच की गई। जिन खातों में सालाना 6 लाख रुपये से अधिक का ट्रांजेक्शन पाया गया, उन्हें बीपीएल कार्ड के लिए अपात्र माना गया। इसके अलावा जो कार्डधारक नियमित रूप से इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर रहे थे, उनके कार्ड भी रद्द कर दिए गए।

बीपीएल कार्ड धारकों के लिए नियम:

  • सालाना पारिवारिक आय 2 लाख रुपये से कम

  • असिंचित भूमि 7.5 एकड़ से कम

  • कृषि भूमि 5 एकड़ से कम

  • परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में न हो

  • इनकम टैक्स दायरे में न आता हो

निरस्त कार्डधारकों की स्थिति:
जिनका बीपीएल कार्ड निरस्त किया गया है, वे अब केवल एपीएल श्रेणी में राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। रायपुर जिले में ही 10,000 से अधिक कार्ड रद्द किए गए, जबकि बिलासपुर और दुर्ग जिलों में 3 से 5 हजार कार्ड निरस्त हुए।

खाद्य विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई सिस्टम में पारदर्शिता और पात्रता सुनिश्चित करने के लिए की गई है, ताकि राशन योजना केवल वास्‍तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंच सके।

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