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जम्मू-कश्मीर में सीआईके की बड़ी कार्रवाई: 2015 के आतंकी षड्यंत्र मामले में 8 ठिकानों पर छापेमारी

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवाद के खिलाफ अभियान तेज करते हुए बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। काउंटर इंटेलिजेंस कश्मीर (CIK) ने वर्ष 2015 के आतंकी षड्यंत्र मामले में घाटी के छह जिलों में स्थित आठ स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई सीआईके श्रीनगर पुलिस स्टेशन की एफआईआर संख्या 02/2015 के तहत की जा रही है। मामला विदेशी अधिनियम, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दर्ज है।

छह जिलों में एक साथ छापेमारी

सीआईके को हाल ही में प्राप्त खुफिया सूचनाओं, तकनीकी विश्लेषण और लगातार चल रही जांच के आधार पर इन स्थानों की पहचान की गई थी। तलाशी अभियान के तहत—

  • श्रीनगर में 2 स्थान
  • बांदीपोरा में 2 स्थान
  • कुपवाड़ा में 1 स्थान
  • अनंतनाग में 1 स्थान
  • कुलगाम में 1 स्थान
  • सोपोर/बारामूला में 1 स्थान

पर एक साथ कार्रवाई की गई।

पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह

जांच एजेंसियों का आरोप है कि कुछ संदिग्ध गुप्त संचार माध्यमों के जरिए पाकिस्तान स्थित आतंकी संचालकों के संपर्क में थे। उन पर कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने, चरमपंथी प्रचार करने और आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने का संदेह है।

सीआईके अधिकारियों के मुताबिक तलाशी अभियान का उद्देश्य आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल सामग्री और अन्य आपत्तिजनक साक्ष्य जुटाना है, जिससे आतंकी संगठनों के सहयोगियों, समर्थकों और जमीनी स्तर पर सक्रिय नेटवर्क की पहचान की जा सके।

कानूनी प्रक्रिया के तहत हो रही कार्रवाई

अधिकारियों ने बताया कि सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं और सक्षम न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त किए गए हैं। तलाशी अभियान पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी सहायता टीमों की मौजूदगी में स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार संचालित किया जा रहा है।

जांच का दायरा बढ़ने की संभावना

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि तलाशी के दौरान मिले साक्ष्यों से आतंकी नेटवर्क के नए लिंक सामने आ सकते हैं। बरामद सामग्री के आधार पर आगे की कार्रवाई और पूछताछ की जाएगी। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय स्लीपर सेल नेटवर्क और सीमा पार से संचालित आतंकी तंत्र की जांच को लेकर यह अभियान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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