पश्चिम एशिया संकट: कैट ने वित्त मंत्री से MSME और व्यापारियों के लिए राहत पैकेज की मांग की

Confederation of All India Traders (कैट) ने पश्चिम एशिया में जारी संकट के संभावित असर को देखते हुए छोटे व्यापारियों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए राहत उपायों की मांग की है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री Praveen Khandelwal ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का असर भारत के व्यापार और उद्योग पर पड़ सकता है, खासकर छोटे व्यापारियों और MSME सेक्टर पर। उन्होंने Nirmala Sitharaman से एक समर्पित टास्क फोर्स बनाने और समय पर राहत उपाय लागू करने का आग्रह किया है।
खंडेलवाल ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि, सप्लाई चेन में बाधा और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ने से पेट्रोकेमिकल्स, फार्मा, टेक्सटाइल, उर्वरक, केमिकल्स, ऑटो कंपोनेंट्स और ऊर्जा आधारित उद्योग प्रभावित हो सकते हैं।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष B C Bhartia ने कहा कि निर्यातकों को फ्रेट और बीमा लागत में वृद्धि, शिपमेंट में देरी और भुगतान संबंधी अनिश्चितताओं जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा प्रभावित होगी।
उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ती लागत, कार्यशील पूंजी पर दबाव और सप्लाई चेन में व्यवधान से खासकर MSME सेक्टर में मुनाफे पर असर पड़ेगा और कर्ज का बोझ बढ़ सकता है।
कैट ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित व्यापारियों और MSME को ऋण चुकौती में राहत, विशेष क्रेडिट गारंटी योजना, ब्याज सब्सिडी और ईंधन व कच्चे माल की कीमतों को स्थिर रखने के उपाय किए जाएं। इसके साथ ही निर्यातकों के लिए फ्रेट और बीमा सहायता तथा समय पर रिफंड सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
व्यापार संगठन का मानना है कि समय रहते उचित कदम उठाए जाने से देश के व्यापार और उद्योग को संभावित संकट से बचाया जा सकता है।






