ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर के करीब, पश्चिम एशिया तनाव के बीच तेल कीमतों में उछाल

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के बावजूद वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का भाव बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।
मंगलवार को ब्रेंट क्रूड करीब 2.75 डॉलर (2.75%) की बढ़त के साथ लगभग 102.69 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड भी 2.77 डॉलर (करीब 3.14%) की तेजी के साथ 90.90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम?
विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के “सफल बातचीत” वाले दावे को खारिज करने के बाद बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है और तेल की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। विश्लेषकों का मानना है कि जब तक यह मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और खुला नहीं हो जाता, तब तक तेल बाजार में अस्थिरता बनी रहेगी।
पहले आई थी भारी गिरावट
गौरतलब है कि पिछले सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में 10% से ज्यादा गिरावट आई थी, जब अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले टालने और बातचीत के संकेत मिलने से बाजार में राहत का माहौल बना था।
हालांकि अब फिर से तनाव बढ़ने के कारण कीमतों में तेजी लौट आई है।
गोल्डमैन सैक्स का नया अनुमान
वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने भी 2026 के लिए अपने अनुमान बढ़ा दिए हैं—
- ब्रेंट क्रूड: $85 प्रति बैरल (पहले $77)
- WTI क्रूड: $79 प्रति बैरल (पहले $72)
क्या रहेगा आगे असर?
तेल की बढ़ती कीमतों का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर भी पड़ सकता है। इससे महंगाई और परिवहन लागत में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।
फिलहाल बाजार की नजर पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति और सप्लाई चैन पर बनी हुई है, जो आगे कीमतों की दिशा तय करेगी।






