प्रोजेक्ट चीता के तहत भारत को चीतें सौंपेगा बोत्सवाना

गैबोरोन/नई दिल्ली। बोत्सवाना आज भारत को “प्रोजेक्ट चीता” के तहत चीतों को सौंपेगा, जिससे भारत में विलुप्त हो चुके चीतों की वापसी को और गति मिलेगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उनके बोत्सवाना समकक्ष डूमा बोको के बीच कल हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता के दौरान इस घोषणा की गई।
प्रोजेक्ट चीता भारत सरकार की एक अनूठी पहल है, जिसका उद्देश्य दशकों बाद देश में चीतों को पुनर्स्थापित करना है। सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ चीते मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में लाए गए थे। अगले वर्ष दक्षिण अफ्रीका से बारह चीते स्थानांतरित किए जाने की योजना है। इनमें से अधिकांश चीते नए वातावरण में सफलतापूर्वक अनुकूल हो गए हैं और प्रजनन भी कर रहे हैं, जो इस परियोजना की सफलता का प्रमाण है।
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान स्वास्थ्य सेवा और फार्मास्यूटिकल्स पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। भारत ने बोत्सवाना को उसके एचआईवी उपचार कार्यक्रम में सहायता के लिए एंटी-रेट्रोवायरल (ARV) दवाओं की आपूर्ति की घोषणा भी की।
राष्ट्रपति मुर्मु ने बोत्सवाना की संसद को संबोधित किया और डायमंड ट्रेडिंग कंपनी बोत्सवाना का दौरा किया। अपनी यात्रा के समापन से पहले वे आज भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात करेंगी।






