बीएचयू दक्षिणी परिसर में राष्ट्रीय स्तर के कार्यशाला में ‘सॉफ्टबॉल’ की नवीनतम नियमों पर प्रशिक्षण

Banaras Hindu University के राजीव गांधी दक्षिणी परिसर (आरजीएससी), बरकछा में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में सॉफ्टबॉल खेल के नवीनतम नियमों, ऑफिशिएटिंग और कोचिंग तकनीकों पर प्रशिक्षकों एवं रेफरी को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

“सॉफ्टबॉल में उन्नत नियम व्याख्या, ऑफिशिएटिंग एवं कोचिंग तकनीक” विषयक इस कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों को खेल के तकनीकी पहलुओं, निर्णय प्रक्रिया और आधुनिक प्रशिक्षण विधियों की जानकारी दी गई। कार्यशाला का उद्देश्य खिलाड़ियों, कोच और रेफरी की तकनीकी एवं व्यावहारिक दक्षता को बढ़ाना है।

दक्षिणी परिसर के आचार्य प्रभारी B. M. N. Kumar ने बताया कि इस आयोजन का मकसद खेलों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देना और प्रशिक्षित अधिकारियों की नई पीढ़ी तैयार करना है।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि A. K. Nema ने खेलों में अनुशासन और नियमों की समझ के महत्व पर जोर दिया। वहीं Pankaj Singh और Jitendra Mewara ने खेलों में पेशेवर दृष्टिकोण और वैज्ञानिक प्रशिक्षण की आवश्यकता बताई।

कार्यशाला में ऑफिशिएटिंग मैकेनिक्स, कोचिंग तकनीक, शारीरिक फिटनेस, प्रतियोगिता प्रबंधन और स्कोरिंग प्रणाली जैसे विषयों पर विस्तृत सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शामिल है।

उल्लेखनीय है कि सॉफ्टबॉल खेल का विकास Chicago में 1887 में ‘इंडोर बेसबॉल’ के रूप में हुआ था। यह खेल बेसबॉल के समान होता है, लेकिन छोटे मैदान पर खेला जाता है और इसमें सात पारियों का मुकाबला होता है।

इस प्रकार की कार्यशालाएं खेल संस्कृति को मजबूत बनाने और खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों के कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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