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भोपाल में डिप्टी CM बोले- डॉ का व्यवहार ऐसा हो, हाथ पकड़े तो बीमारी हो जाएं दूर; 50% बढ़ेगा स्टाइपेंड

भोपाल। डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने इंटर्न डॉक्टरों के आंदोलन को लेकर गांधी कॉलेज से लाइव कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि सरकार ने कॉलेज प्रबंधन और अधिकारियों के साथ चर्चा कर बीच का रास्ता निकाला है।

वर्तमान में मिल रहे स्टाइपेंड में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी। इसके बाद इंटर्न डॉक्टरों को 21,500 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि छात्र-छात्राओं के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी। सरकार उनके साथ है। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में एक साल सेवा देने की अपील

राजेंद्र शुक्ल ने इंटर्न डॉक्टरों से कहा कि उनके ऊपर बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार बड़ी संख्या में मेडिकल छात्रों को स्कॉलरशिप देती है और उनसे अपेक्षा करती है कि वे अपने बॉन्ड की शर्तें पूरी करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा दें।

ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने से बढ़ेगा अनुभव 
उन्होंने कहा कि सभी छात्र कम से कम एक साल गांव में जाकर सेवाएं दें। इससे उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्था और आम लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझने का अवसर मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र में काम करने से उनका अनुभव बढ़ेगा और व्यक्तित्व भी निखरेगा, वहीं गांव के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।

‘आप हमारे एसेट हैं, मरीजों से मुस्कुराकर बात करें’
डिप्टी सीएम ने कहा, “आप हमारे एसेट हैं। आपका व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि आधी बीमारी हाथ पकड़ने और मुस्कुराकर बात करने से ठीक हो जाए और आधी बीमारी दवाई से।” उन्होंने कहा कि गांवों में लोग डॉक्टरों का इंतजार करते हैं और जब डॉक्टर नहीं पहुंचते तो उन्हें निराशा होती है। इसलिए इंटर्न डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवा जरूर दें।

मुख्यमंत्री को दिया धन्यवाद
राजेंद्र शुक्ल ने मुख्यमंत्री के निर्णय के लिए उनका धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विदेश में रहने के बावजूद पूरे घटनाक्रम से जुड़े रहे और लगातार सकारात्मक चर्चा हुई, जिसका परिणाम भी सकारात्मक रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इंटर्न डॉक्टर भी सरकार की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे। घोषणा के बाद आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों ने अपना प्रदर्शन और हड़ताल समाप्त करने पर सहमति जताई।

घायल छात्रों का इलाज किया जाएगा 
मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि घटना में घायल छात्रों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। लोकतंत्र में प्रत्येक व्यक्ति को शांतिपूर्वक अपनी बात रखने का अधिकार है और छात्रों के हितों और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

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