अश्विनी वैष्णव बोले- 14 महीनों में तैयार हुआ सेमीकंडक्टर प्लांट, भारत बनेगा वैश्विक हब

केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत तेजी से सेमीकंडक्टर क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना रहा है और आने वाले वर्षों में एक प्रमुख हब के रूप में उभरेगा।

अहमदाबाद के साणंद जीआईडीसी स्थित केयन्स सेमीकॉन संयंत्र के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने बताया कि महज 14 महीनों में फाउंडेशन से लेकर कमर्शियल प्रोडक्शन की शुरुआत होना देश की तकनीकी क्षमता और नेतृत्व का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को पहले प्लांट का उद्घाटन हुआ था, जबकि 31 मार्च को दूसरे प्लांट की शुरुआत हुई है और जुलाई तक तीसरा प्लांट भी शुरू हो जाएगा।

सरकार की योजना के अनुसार 2026 तक चार सेमीकंडक्टर प्लांट तैयार होंगे और 2027 तक दो और प्लांट चालू हो जाएंगे। इसके अलावा धोलेरा में भारत की पहली पूर्ण सेमीकंडक्टर फैक्ट्री 2028 तक तैयार होने की उम्मीद है।

अश्विनी वैष्णव ने गुणवत्ता और लागत प्रतिस्पर्धा को अहम बताते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर टिके रहने के लिए इन दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्टता जरूरी है।

उन्होंने बताया कि देश में लगभग 60,000 इंजीनियरों को उन्नत चिप डिजाइन टूल्स पर प्रशिक्षित किया गया है और 315 विश्वविद्यालयों में सेमीकंडक्टर डिजाइन क्षमता विकसित की जा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज दुनिया की प्रमुख कंपनियां भारत में 2 नैनोमीटर तक की अत्याधुनिक चिप्स डिजाइन कर रही हैं और “डिजाइन इन इंडिया” व “मेक इन इंडिया” के तहत पूरा इकोसिस्टम विकसित हो रहा है।

उन्होंने “सेमीकॉन 2.0” पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि अब सेमीकंडक्टर से जुड़े केमिकल्स, गैस और मशीनरी का निर्माण भी देश में ही किया जाएगा, जिससे आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।

वैष्णव ने विश्वास जताया कि 2032 तक भारत दुनिया के शीर्ष छह सेमीकंडक्टर देशों में शामिल होगा और 2047 तक शीर्ष तीन में अपनी जगह बना सकता है।

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