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एयरट्रंक का भारत पर बड़ा दांव, 3 लाख करोड़ रुपये निवेश कर विकसित करेगा 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता

ऑस्ट्रेलिया की प्रमुख हाइपरस्केल डेटा सेंटर कंपनी एयरट्रंक (AirTrunk) ने भारत में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये के विशाल निवेश की घोषणा की है। कंपनी देश में 5 गीगावाट (GW) डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने की योजना पर काम करेगी, जिसे भारत के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में प्रस्तावित सबसे बड़े निवेशों में से एक माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को एयरट्रंक के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के साथ हुई मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए इस निवेश का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल अवसंरचना यात्रा तेजी से आगे बढ़ रही है और यह निवेश देश को वैश्विक डिजिटल हब बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

क्लाउड और AI सेक्टर को मिलेगा बड़ा बूस्ट

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि एयरट्रंक का यह निवेश क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत की वैश्विक स्थिति को और मजबूत करेगा। बढ़ती डिजिटल मांग, डेटा स्टोरेज और AI आधारित सेवाओं के विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर क्षमता की आवश्यकता है, जिसे यह परियोजना पूरा करने में मदद करेगी।

रोजगार और स्थानीय उद्योगों को होगा लाभ

सरकार के अनुसार इस निवेश से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। साथ ही स्थानीय आपूर्ति श्रृंखलाओं, निर्माण क्षेत्र, ऊर्जा क्षेत्र और तकनीकी सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे नवाचार आधारित आर्थिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था का वैश्विक केंद्र बन रहा भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा भारत में आकार लेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सेंटर सेक्टर में यह निवेश भारत को एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रों में शामिल कर सकता है। बढ़ती इंटरनेट पहुंच, डिजिटल सेवाओं की मांग और AI तकनीकों के विस्तार के बीच यह परियोजना देश के तकनीकी भविष्य को नई दिशा दे सकती है।

भारत में डेटा लोकलाइजेशन, क्लाउड सेवाओं और AI आधारित समाधानों की बढ़ती जरूरत को देखते हुए एयरट्रंक का यह निवेश डिजिटल क्रांति को और गति देने वाला माना जा रहा है।

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