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भारत–अमेरिका ने नौसैनिक सहयोग को दी नई गति, एडमिरल त्रिपाठी का वॉशिंगटन दौरा सफलतापूर्वक सम्पन्न

भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने संयुक्त राज्य अमेरिका का आधिकारिक दौरा पूरा किया। यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच नौसैनिक सहयोग को और मजबूत करने तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा। एडमिरल त्रिपाठी की यह यात्रा द्विपक्षीय संवाद और समुद्री साझेदारी को नई ऊर्जा प्रदान करने के रूप में देखी जा रही है।

वॉशिंगटन में एडमिरल त्रिपाठी ने अमेरिकी रक्षा और सैन्य नेतृत्व से महत्वपूर्ण मुलाकातें कीं। इनमें अमेरिकी नौसेना सचिव जॉन सी. फेलन, युद्ध उप सचिव एल्ब्रिज कोल्बी, इंडोपैकॉम कमांडर एडमिरल सैमुअल जे. पापारो, पैसिफिक फ्लीट कमांडर एडमिरल स्टीफन पी. कोहलर और यूएस मरीन फोर्सेस पैसिफिक कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जेम्स एफ. ग्लिन शामिल थे। इन बैठकों में समुद्री सुरक्षा, संचालन समन्वय, डोमेन अवेयरनेस और सूचना साझाकरण को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

दोनों देशों ने समुद्री मार्गों और अंडर-सी इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आपदा राहत, खोज एवं बचाव, समुद्री डकैती और अन्य गैर-पारंपरिक चुनौतियों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। अमेरिकी नौसेना सचिव फेलन ने भी पोस्ट कर इस साझेदारी को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण बताया। MALABAR, PASSEX, CMF और MILAN जैसे प्रमुख समुद्री अभ्यासों की समीक्षा भी इस दौरे का अहम हिस्सा रही।

दौरे के दौरान एडमिरल त्रिपाठी ने मानवरहित प्रणालियों, आईएसआर (खुफिया-सर्विलांस-रिकॉनसेंस), साइबर ऑपरेशन और स्पेस-इनेबल्ड मैरीटाइम क्षमताओं जैसे उभरते क्षेत्रों में संयुक्त विकास की संभावनाओं पर भी गहन चर्चा की। हवाई स्थित सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन डिजास्टर मैनेजमेंट एंड ह्यूमेनिटेरियन असिस्टेंस में उन्होंने आपदा प्रतिक्रिया और बहुपक्षीय समुद्री सहयोग को बढ़ाने के उपायों की समीक्षा की।

वॉशिंगटन की नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी में भी एडमिरल त्रिपाठी का दौरा महत्वपूर्ण रहा, जहाँ उन्होंने अध्यक्ष वाइस एडमिरल पीटर ए. गार्विन से पेशेवर सैन्य शिक्षा और प्रशिक्षण सहयोग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने भारतीय सैन्य अधिकारियों से भी मुलाकात की, जो विश्वविद्यालय के विभिन्न सैन्य पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। यह यात्रा भविष्य में भारत–अमेरिका समुद्री साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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