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नगरीय क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिये वर्ष 2047 को ध्यान में रखकर बनाएं कार्ययोजना : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन-2047 के अनुरूप प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों का सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक जिले में 2047 को ध्यान में रखकर नगरीय विकास कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि शहरों का विकास जनसंख्या और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार हो सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वच्छता, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि योजना और स्वच्छ वायु इंडेक्स में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बिल्डर्स द्वारा कॉलोनी विकास के दौरान ईडब्ल्यूएस आवास आवंटन में देरी पर चिंता व्यक्त करते हुए कलेक्टर्स को निर्देश दिया कि इन आवासों का शीघ्र आवंटन सुनिश्चित करें।

🏛️ आधुनिक सुविधाओं के साथ बनें “गीता भवन”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आधुनिक टाउन हॉल की तर्ज पर गीता भवन बना रही है। यह भवन धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक एवं सामुदायिक उपयोग के लिए होंगे, जिनमें डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा भी होगी।

🛕 धार्मिक स्थलों का मास्टर प्लान तैयार किया जाए

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, ओंकारेश्वर जैसे धार्मिक स्थलों के समग्र विकास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि नर्मदा परिक्रमा मार्ग के विकास पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

💰 टीडीआर में मुआवजा समय पर मिले

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी सड़कों के चौड़ीकरण और टीडीआर भूमि अधिग्रहण के मामलों में मुआवजा समय पर भुगतान किया जाए। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए भी कार्य किया जाए।

🏙️ भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन विकास योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में भोपाल-इंदौर मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के विकास की योजना तैयार की जा रही है। कलेक्टर्स को निर्देश दिया गया कि वे रोजगार, औद्योगिकीकरण, शिक्षा और मेडिकल हब के रूप में मेट्रो क्षेत्रों के विकास का रोडमैप तैयार करें।

🌆 मध्यप्रदेश विजन @2047

अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे ने कहा कि वर्ष 2047 तक हर नागरिक को सुविधायुक्त पक्का आवास मिले और शहर मलिन बस्ती मुक्त हों, यह लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया —

  • PMAY 1.0 के तहत 8,69,531 आवास पूर्ण, 76,300 निर्माणाधीन

  • PMAY 2.0 में 10 लाख नए आवास तैयार होंगे

  • 7115 कचरा संग्रहण वाहन निकायों को प्रदान किए गए

  • इंदौर, जबलपुर और देवास को क्लीन एयर प्रोग्राम में राष्ट्रीय सम्मान मिला

सम्मेलन में इंदौर, ग्वालियर और खंडवा कलेक्टर्स ने क्रमशः एयर क्वालिटी सुधार, पीएमएवाय कार्य और जल संवर्धन पर अपने प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए।

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