कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस में माइक हुआ खराब: नेताओं ने चिल्ला-चिल्लाकर की बात; जीतू पटवारी बोले- छात्रों का अपमान कर रहे PM

राहुल के इंदौर में रविवार को आयोजित होने वाले छात्रों की गूंज कार्यक्रम से पहले आज शुक्रवार को इंदौर में कांग्रेसियों द्वारा जो पत्रकार वार्ता बुलाई गई थी वह कार्यकर्ता वार्ता की भेंट चढ़ गई।
इस वार्ता में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी सहित अन्य नेता मौजूद थे, जिनकी मौजूदगी में भारी अव्यवस्थाओं का सामना पत्रकारों को करना पड़ा। माइक तक की व्यवस्था ठीक नहीं थी, जिस वजह से हरीश चौधरी को चिल्ला-चिल्लाकर अपनी बात कहना पड़ी।
सिंघार बोले – दीया तो युवा बुझाएगा
मीडिया से बातचीत में जीतू पटवारी ने कहा कि शिक्षा की जागरूकता के लिए राहुल गांधी द्वारा शुरू किए जा रहे छात्रों की गूंज को झूठ का गूंज कहकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी छात्रों का ही अपमान कर रहे हैं। वहीं उमंग सिंघार एक चर्चा में बोले कि नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर जो आशीर्वाद के दीये जलाए गए उन्हें बुझाने की शुरुआत मध्यप्रदेश के युवा करेंगे। सिंघार ने आरोप लगाया कि प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए संघ की शाखा में जाना एक अनिवार्यता हो गई है। शिक्षण संस्थानों में भी संघ के लोग बैठाए जा रहे।
असिस्टेंट प्रोफेसरों के हजारों पद खाली
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि राज्य में असिस्टेंट प्रोफेसरों के हजारों पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार जमीनी मुद्दों को सुलझाने के बजाय दीये जलाने और प्रचार-प्रसार में व्यस्त है। जब युवा सड़कों पर उतरकर अपने हक की आवाज उठा रहे हैं, तो मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों की इस पीड़ा और गूंज को ‘झूठ की गूंज’ करार देकर नकार रहे हैं।
पेपर लीक देश के भविष्य के साथ खिलवाड़
पटवारी ने मांग की है कि देश भर में लगातार हो रहे पेपर लीक केवल एक प्रशासनिक लापरवाही नहीं हैं, बल्कि यह देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ है—इसे ‘देशद्रोह’ की श्रेणी में लाकर सख्त कानून बनाना चाहिए।
पटवारी ने मोहन भागवत से पूछा कि जब परीक्षाओं में कम नंबर लाने वाले पैसे और सिफारिश के दम पर आगे निकल रहे हैं और ज्यादा नंबर लाने वाले योग्य युवा दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, तो संघ प्रमुख को देश के सामने आकर बताना चाहिए कि इस शिक्षा करप्शन का जिम्मेदार आखिरकार कौन है?
ये किसी पार्टी नहीं बल्कि देश का मुद्दा
जीतू पटवारी ने कहा कि देवी अहिल्याबाई की पावन नगरी इंदौर का यह सौभाग्य है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ‘छात्रों की गूंज’ संवाद कार्यक्रम के लिए यहाँ आ रहे हैं। यह किसी एक पार्टी या राजनीति का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के भविष्य का विचार है।
शिक्षा और रोजगार के हक की लड़ाई जारी रहेगी
इस कार्यक्रम के लिए रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने पंजीकरण कराया है, जो युवाओं के आक्रोश को दर्शाता है। पटवारी ने प्रशासन को चेतावनी भी दी कि प्रशासन जो भी रुख अपनाएगा कांग्रेस उसका सामना करेगी, लेकिन शिक्षा और रोजगार के हक की लड़ाई बंद नहीं होगी। जब तक शिक्षा को लेकर कड़े कानून और जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक लाखों छात्रों की मेहनत यूं ही बिकती रहेगी।