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पीथमपुर में सोयाबीन की फसल हुई खराब: मुआवजे की मांग; कृषि विज्ञान केंद्र ने निरीक्षण किया

पीथमपुर। ग्राम बरदरी में किसानों की दर्जनों बीघा सोयाबीन की फसल अचानक पूरी तरह खराब हो गई है। खेतों में पकने से पहले ही फलियां सूखकर जमीन पर गिर गईं और पौधे पूरी तरह नष्ट हो गए।

पीड़ित किसानों ने आसपास की औद्योगिक कंपनियों के रसायनों या मौसमी बदलाव को फसल खराब होने का जिम्मेदार मानते हुए सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।

पीड़ित किसान मनोज पिता नंदराम ने बताया कि क्षेत्र के लगभग 35 से 40 बीघा जमीन में लगी सोयाबीन की फसल में 100 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।

इस तबाही में मनोज और उनके पिता नंदराम की 10 से 12 बीघा, हरिसिंह की 5 बीघा और सजन सिंह की 15 बीघा जमीन समेत अन्य 5-6 किसानों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं।

केमिकल के असर से नुकसान हुआ 
किसानों ने दो महीने तक लगातार मेहनत की थी, लेकिन अब पूरी फसल सूख चुकी है। ग्रामीणों को आशंका है कि पास की औद्योगिक कंपनियों से निकलने वाले धुएं या केमिकल के असर से फसल को यह नुकसान पहुंचा है।

कृषि विज्ञान केंद्र ने निरीक्षण किया
मामले को देखते हुए धार जिले के कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) की संयुक्त टीम ने ग्राम बरदरी पहुंचकर प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया। जांच के बाद कृषि विज्ञान केंद्र के डॉ. मंडलोई ने बताया कि खेतों में सोयाबीन की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और बची हुई हरी पत्तियां भी तेजी से सूख रही हैं।

पौधों और मिट्टी के सैंपल टेस्टिंग के लिए भेजे 
उन्होंने साफ किया कि तबाही की असली वजह जानने के लिए पौधों और मिट्टी के सैंपल लिए जा रहे हैं। लैब टेस्टिंग की रिपोर्ट आने के बाद ही यह पता चल पाएगा कि नुकसान मौसम के उतार-चढ़ाव, जलभराव या कंपनियों के केमिकल प्रभाव से हुआ है। फसल पूरी तरह खराब होने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर राहत राशि देने की मांग की है।

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