कल होगा धार के राजा की प्रतिमा का अनावरण: निकलेगी भव्य शोभायात्रा; महामंडलेश्वर सहित विधायक करेंगी महाआरती

धार। 10 दिवसीय गणेश उत्सव का आगाज सोमवार से होगा। नगर सहित ग्रामीण अंचलों में घर-घर भगवान गणेश की स्थापना की जाएगी। इसी के साथ धार के राजा की अति आकर्षक और मनमोहक श्री गणेश प्रतिमा की भव्य शोभायात्रा भी निकाली जाएगी। इसके बाद प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।
प्रतिमा का अनावरण विजयश्री परिवार के समर्पित सदस्य स्व. महावीर जैन और स्व. आकाश वर्मा के परिवार द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 श्री नरसिंह दास जी महाराज, पूर्व केंद्रीय मंत्री विक्रम वर्मा और विधायक नीना वर्मा मौजूद रहेंगी।
अलग-अलग दिन विभिन्न संगठनों की आरती
आयोजक विशाल राठौर ने बताया कि गणेश उत्सव के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा आरती एवं धार्मिक आयोजन किए जाएंगे।
15 सितंबर: विजयश्री परिवार के सदस्यों द्वारा महाआरती।
16 सितंबर: वाल्मीकि समाज द्वारा आरती।
17 सितंबर: कुशाभाऊ ठाकरे नगर मंडल भाजपा द्वारा आरती।
18 सितंबर: आदेश आरती मंडल द्वारा प्रसादी वितरण और आरती।
19 सितंबर: काठमांडू पैनल द्वारा शस्त्र पूजन एवं आरती।
20 सितंबर: भाजपा महिला मोर्चा की माता-बहनों द्वारा आरती।
21 सितंबर: किन्नर समाज के सदस्यों द्वारा आरती।
22 सितंबर: भाजपा के केशरीमल सेनापति मंडल द्वारा आरती।
23 सितंबर: 1 लाख 8 हजार आहुतियों के साथ श्री गणेश महायज्ञ का आयोजन।
24 सितंबर: विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के युवा साथियों द्वारा आरती।
अनंत चतुर्दशी पर निकलेगी 51 फीट की झांकी
गणेश उत्सव के अंतिम दिन अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु के प्रथम मत्स्य अवतार पर आधारित 51 फीट की भव्य झांकी नगर में निकाली जाएगी। आयोजन को लेकर समिति द्वारा तैयारियां की जा रही हैं।
दिवंगत सदस्यों की स्मृति में नेत्रदान का संकल्प
समिति अध्यक्ष मुन्नालाल वर्मा ने बताया कि विजयश्री परिवार ने दिवंगत सदस्यों की पावन स्मृति में क्लब के सदस्यों द्वारा नेत्रदान करने का अनोखा और प्रेरणादायी संकल्प लिया है।
क्लब परिवार ने यह भी निर्णय लिया है कि आगामी गणेश उत्सव या धार नगर में होने वाले किसी भी आयोजन के लिए नगरवासियों से आर्थिक सहयोग या चंदा नहीं लिया जाएगा। आयोजनों का पूरा खर्च क्लब के सदस्य आपस में मिलकर स्वयं वहन करेंगे। समिति के इस निर्णय को सामाजिक सहभागिता और सेवा की दिशा में एक मिसाल बताया जा रहा है।