झाबुआ में हॉस्टल छात्रों से मारपीट: 13 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं; चौकी प्रभारी ने पाइप लेकर भगाया

झाबुआ। खवासा के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के साथ रास्ते में रोककर मारपीट की गई थी। घटना के 13 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा कोई ठोस कानूनी कार्रवाई न की।
आरोप है की पीड़ित के परिजनों के साथ चौकी प्रभारी ने दुर्व्यवहार किया। प्रभारी खुद हाथ में पाइप लेकर उन्हें चौकी से भगाते हुए नजर आए। इस पूरी घटना का वीडियो भी परिजनों ने बनाया है।
छायन निवासी दीपक पिता बहादुर डामर ने चौकी खवासा में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके दोनों बेटे खवासा स्कूल में पढ़ाई करते हैं और बालक होस्टल में रहते हैं। दिनांक 01 सितंबर की शाम 6:25 बजे उनका बेटा दिवाकर डामर और भांजा क्रिश गरवाल बाइक से जा रहे थे।
बेल्ट से मारपीट की
इस दौरान नशे की हालत में धुत्त कुछ युवक रास्ते में मिले तो उन्होंने अपनी बाइक आगे निकाल ली जो आरोपियों नागवार गुजरी । उन्होंने रोग्या देवी मंदिर के सामने उनकी गाड़ी को जबरन रोककर पहले तो गाली-गलौज की और फिर बेल्ट से बेरहमी से मारपीट की। इस बीच जब बड़ा लड़का अमन डामर बीच-बचाव करने पहुंचा, तो उसे भी बुरी तरह पीटा गया और जान से मारने की धमकियां दी गईं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
आरोपियों ने इस दौरान वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिसमें हमलावरों की गुंडागर्दी साफ तौर पर देखी जा सकती है। वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले युवकों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई गई है।
13 दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
फरियादी ने कहा कि घटना के 13 दिन बाद भी पुलिस ने आरोपियों पर कोई शिकंजा नहीं कसा है, जिससे साफ प्रतीत होता है कि पुलिस आरोपियों को संरक्षण देने का प्रयास कर रही है।
पाइप से परिजनों को भगाया
जब पीड़ित छात्र के परिजन न्याय की उम्मीद लेकर चौकी पहुंचे, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। फरियादियों के साथ चौकी प्रभारी का रवैया बेहद आपत्तिजनक था। पीड़ित परिवार को न्याय देने के बजाय चौकी प्रभारी खुद हाथ में पाइप (डंडा) लेकर उन्हें चौकी से भगाते हुए नजर आए। इस पूरी घटना का वीडियो भी परिजनों ने बनाया गया है।
दुर्व्यवहार करने वाले प्रभारी पर कार्रवाई की मांग
फरियादी दीपक ने बताया कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने आवेदन पर कोई एक्शन नहीं लिया। पीड़ित परिवार ने एसपी देवेन्द्र पाटीदार से मांग की है कि पीड़ितों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले चौकी प्रभारी पर कार्रवाई की जाए, ताकि आम जनता का कानून पर भरोसा कायम रह सके। वहीं चौकी प्रभारी
नाबालिग होने के कारण नहीं लिखी रिपोर्ट
अनिल सिंह घुरैया ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाया था क्योंकि दोनों पक्ष नाबालिग थे, फरियादी ने ही रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया था। रही बात दुर्व्यवहार की तो पुलिस पर आरोप तो लगते ही है।