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धार में युवती से रेप: दिल्ली में 5 दिन बंधक बनाकर रखा; पुलिस पर शिकायत दर्ज नहीं करने का आरोप

धार। नालछा थाना क्षेत्र के एक गांव की युवती के अपहरण, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी दी। घटना 2 अगस्त की है। युवती सुबह 9 बजे कपड़े लेने बस से बगड़ी बाजार गई थी। वहां सामरिया निवासी अर्जुन पिता मांगीलाल उसके पास आया और घर छोड़ने की बात कहकर जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बैठा लिया।

घर ले जाने के बजाय आरोपी उसे सागोरकुट्टी (इंडोरामा) स्थित एक कमरे में ले गया। पीड़िता के अनुसार, वहां उसके विरोध के बावजूद उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसे रातभर बंधक बनाकर रखा गया।

आरोप है कि घटना की जानकारी पुलिस को देने के बावजूद 10 से 12 दिनों तक उसकी शिकायत और बयान दर्ज करने में गंभीर लापरवाही बरती गई। मामला वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद अब जांच शुरू हुई।

दिल्ली में 5 दिन बंधक बनाकर रखा 
आरोप है कि अगले दिन अर्जुन के काका धूमसिंह पिता कलिया और भाई सूर्या पिता मांगीलाल भी वहां पहुंचे। इसके बाद युवती को इंदौर रेलवे स्टेशन से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि दिल्ली में अर्जुन ने उसे पांच दिनों तक बंधक बनाकर रखा और इस दौरान उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया।

जान देने की धमकी दी
पीड़िता के अनुसार, लगातार हो रहे उत्पीड़न से परेशान होकर उसने आरोपी से कहा कि यदि उसे नहीं छोड़ा गया तो वह अपनी जान दे देगी। इसके बाद आरोपी उसे दिल्ली से वापस इंदौर लेकर आया। परिजनों का आरोप है कि इंदौर में धूमसिंह और सूर्या ने युवती को धमकाते हुए कहा कि यदि उसने अपने माता-पिता या पुलिस को घटना के बारे में बताया तो उसे कहीं भी ढूंढकर जान से मार दिया जाएगा। इसके बाद युवती को इंदौर से लालबाग और फिर नालछा क्षेत्र में लाकर छोड़ दिया गया।

थाने के चक्कर लगाता रहा परिवार
घर पहुंचने के बाद युवती ने परिजनों को पूरी घटना बताई। इसके बाद उसके पिता नालछा थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पीड़िता के पिता का आरोप है कि उन्होंने थाने में तैनात हेड कांस्टेबल रुपेश गिरवाल से युवती के बयान दर्ज करने का अनुरोध किया, लेकिन उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि समय मिलने पर फोन करके बुलाया जाएगा।

परिजनों का दावा है कि वे 10 से 12 दिनों तक थाने के चक्कर लगाते रहे, लेकिन तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद निराश होकर उन्होंने मीडिया से संपर्क किया।

वरिष्ठ अधिकारी के हस्तक्षेप के बाद जांच
मामला मीडिया के माध्यम से धामनोद एसडीओपी मोनिका सिंह के संज्ञान में पहुंचने के बाद पुलिस स्तर पर हस्तक्षेप किया गया। इसके बाद धामनोद थाने में महिला उपनिरीक्षक द्वारा मामले की जांच और पीड़िता की सुनवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।

कानूनी कार्रवाई की मांग
पीड़िता और उसके परिजनों ने मुख्य आरोपी अर्जुन के खिलाफ अपहरण व दुष्कर्म और धूमसिंह और सूर्या के खिलाफ साजिश और धमकी देने के आरोप में सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, शिकायत पर समय पर कार्रवाई नहीं करने के आरोप में हेड कांस्टेबल रुपेश गिरवाल की भूमिका की जांच और कार्रवाई की मांग भी की गई है।

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