इंदौर के सत्यसांई स्कूल ने 30 साल से नहीं भरा टैक्स: नोटिस भेजने पर किया केस; कोर्ट ने 4 करोड़ 30 लाख जमा करने का आदेश दिया

इंदौर। नगर निगम द्वारा वर्ष 2000 में सत्यसांई विद्या विहार स्कूल प्रबंधन को प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने का नोटिस दिया गया। इस नोटिस के खिलाफ स्कूल प्रबंधन ने अदालत में याचिका दायर कर दी।
जहां अदालत ने निगम को टैक्स देने का आदेश जारी कर दिया। इससे अब स्कूल प्रबंधन को 4 करोड़ 30 लाख टैक्स जमा कराना होगा। स्कूल के प्रबंधक उद्योगपति डॉ रमेश बाहेती, सचिव त्रिभुवन सचदेवा और कोषाध्यक्ष सीए श्याम भाटिया है।
1996 से नहीं दिया प्रॉपर्टी टैक्स
शिक्षण संस्थान द्वारा वर्ष 1996 से नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स नहीं दिया जा रहा है। इसके चलते तत्कालीन निगमायुक्त प्रतिभा पाल ने वर्ष 2020 में टैक्स जमा कराने के लिए नोटिस जारी किया। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने टैक्स जमा कराने की जगह अदालत में याचिका दायर कर खेल मैदान और पार्किग स्थल का टैक्स जमा नहीं करने की बात कही।
कोर्ट ने स्कूल के तर्कों को खारिज किया
इस मामले की जानकारी मिलने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अभिभाषक प्रांजल भाले को इस मामले का जिम्मा सौपा जिसके बाद अदालत में निगम की ओर से मजबूत पक्ष रखे गए। इसके बाद अदालत ने सत्यसांई शिक्षण संस्थान के तर्को को खारिज कर दिया। इससे निगम का टैक्स वसूली का रास्ता साफ हो गया।
30 साल से नहीं भरा टैक्स
बताया जाता हे कि सत्यसांई स्कूल प्रबंधन पर नगर निगम का हर वर्ष 45 लाख का टैक्स बनता है। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने 30 साल से संपत्तिकर जमा नहीं कराया है। इससे निगम की डिमांड बढ़कर 4 करोड़ 30 लाख हो गई है।
हाईकोर्ट में अपील करेगा स्कूल प्रबंधन
कहा जा रहा है कि स्कूल प्रबंधन जिला अदालत के फैसले की अपील हाईकोर्ट में कर सकता है। लेकिन निगम का मजबूत पक्ष होने से यह माना जा रहा है कि अब सत्यसांई स्कूल प्रबंधन को निगम को टैक्स की देनदारी अदा करनी ही होगी।
नियमानुसार होगी कार्रवाई
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा कि सत्यसांई स्कूल प्रबंधन से नगर निगम नियमानुसार ही टैक्स की डिमांड कर रहा है। इस तरह आगे भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम शहर के विकास कार्य करता है ऐसे मे टैक्स की राश अदा करना स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है।