मनावर के वायल गांव की प्रदेश में पहचान: सरकारी पुस्तिका के कवर पर नक्शा; पहले भी स्वच्छता में मिल चूके 50 हजार

मनावर। स्वच्छता और ग्राम विकास के कामों को अब प्रदेश स्तर पर पहचान मिली है। गांव में जनभागीदारी से किए गए कामों के बाद तैयार ग्राम-नक्शे की तस्वीर को प्रदेश स्तरीय GDP प्रशिक्षण मॉड्यूल की पुस्तिका के मुखपृष्ठ पर प्रकाशित किया गया है। पंचायत को पहले स्वच्छता के बेहतर काम के लिए जनपद पंचायत स्तर पर प्रथम स्थान और 50 हजार रुपए का पुरस्कार भी मिल चुका है।
गांव के नक्शे को मिली पुस्तिका के कवर पर जगह
“प्रशिक्षण मॉड्यूल- प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण प्रक्रिया” विषय पर प्रकाशित पुस्तिका के मुखपृष्ठ पर वायल के समूह द्वारा तैयार किए गए गांव के नक्शे की तस्वीर शामिल की गई है। प्रदेश स्तर की प्रशिक्षण सामग्री में गांव की तस्वीर को जगह मिलना पंचायत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
ग्राम पंचायत वायल ने स्वच्छता के साथ ग्राम विकास की योजनाओं में ग्रामीणों की भागीदारी पर जोर दिया। पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों और स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से किए गए कार्यों को अब अन्य ग्राम पंचायतों के लिए उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है।

पहले मिल चुका है 50 हजार का पुरस्कार
2015 से 2022 के बीच स्वच्छता के क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए वायल को जनपद पंचायत स्तर पर प्रथम स्थान मिला था। उत्कृष्ट कार्य के लिए तत्कालीन कलेक्टर ने ग्राम पंचायत को 50 हजार रुपए की पुरस्कार राशि का चेक प्रदान किया था।
ग्रामीणों ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि
पुस्तिका के मुखपृष्ठ पर गांव के नक्शे की तस्वीर प्रकाशित होने पर सरपंच भागीराम भाभर, उपसरपंच दिनेश पटेल, पंचगण, आजीविका मिशन स्वयं सहायता समूह, गणेश संगठन वायल और ग्रामवासियों ने खुशी जताई। उन्होंने इस उपलब्धि को सामूहिक प्रयास और जनभागीदारी का परिणाम बताते हुए प्रदेश सरकार और संबंधित विभाग के प्रति आभार जताया।