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बड़वानी नपा में दस्तावेज नहीं मिलने पर कांग्रेस पार्षदों का धरना: नपा गेट पर बैठे पार्षद; 8 दिन पहले मांगे थे एजेंडा से जुड़े कागज

बड़वानी। नगर पालिका परिषद की सोमवार को होने वाली बैठक से पहले दस्तावेजों को लेकर राजनीतिक विवाद सामने आया है। एजेंडा में शामिल मुद्दों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव समेत कांग्रेस पार्षद सोमवार को नगर पालिका के गेट पर धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक चले धरने के दौरान पालिका परिसर में गहमागहमी का माहौल रहा।

11 दिन पहले आवेदन, अब तक दस्तावेज नहीं मिलने का आरोप
नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने बताया कि नगर पालिका परिषद की बैठक 7 सितंबर को दोपहर 3 बजे बुलाई गई है। बैठक में रखे जाने वाले प्रस्तावों का अध्ययन करने के लिए वार्ड-14 की पार्षद रीना हेमंत कुमरावत ने 27 अगस्त को लिखित आवेदन देकर एजेंडा से संबंधित प्रस्ताव, एस्टीमेट और वित्तीय मंजूरी के दस्तावेज मांगे थे। उनका आरोप है कि आवेदन दिए 11 दिन बीतने के बाद भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

रविवार को पहुंचे तो कर्मचारी नहीं मिले
जाधव ने बताया कि रविवार को वे पार्षद प्रतिनिधि के साथ नगर पालिका कार्यालय पहुंचे थे। वहां कर्मचारियों से जानकारी लेने पर बताया गया कि अभी कोई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद नहीं है। इसके बाद सीएमओ सोनाली शर्मा को फोन लगाया गया, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला। अधिकारी बलिराम मंडलोई से फोन पर बात हुई तो उन्होंने बाहर होने की बात कहते हुए अगले दिन दस्तावेज देने की बात कही।

बिना दस्तावेज प्रस्तावों को मंजूरी कैसे दें?
जाधव ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को प्रस्तावों से जुड़े दस्तावेज नहीं देना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ है। बिना दस्तावेजों का अध्ययन किए जनहित से जुड़े प्रस्तावों को कैसे मंजूरी दी जा सकती है। उन्होंने मांग की कि या तो परिषद की बैठक टाली जाए या बैठक शुरू होने से पहले सभी संबंधित दस्तावेज पार्षदों को लिखित रूप से उपलब्ध कराए जाएं।

सत्ता पक्ष ने आरोपों को बताया गलत
वहीं, सत्ता पक्ष ने कांग्रेस पार्षदों के आरोपों को गलत बताया है। नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि निक्कू चौहान ने कहा कि 23 अगस्त को ही सभी पार्षदों को बैठक का एजेंडा वितरित कर दिया गया था। एजेंडा देने की रसीद भी नगर पालिका के पास मौजूद है। उन्होंने कहा कि परिषद की बैठक निर्धारित समय पर ही होगी।

बैठक से पहले ही आमने-सामने पक्ष-विपक्ष
दस्तावेजों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है। परिषद की बैठक शुरू होने से पहले ही कांग्रेस पार्षद और सत्ता पक्ष आमने-सामने हैं। अब देखना होगा कि बैठक से पहले दस्तावेज उपलब्ध कराए जाते हैं या कांग्रेस पार्षदों की मांग के बीच बैठक आगे बढ़ती है।

 

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