उज्जैन में कैंसर के शुरुआती संकेतों पर मंथन: डॉक्टर बोले- बुखार, थकान और गांठ को न करें नजरअंदाज

उज्जैन। कैंसर के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए उज्जैन में 15वां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के नाद ब्रह्मा कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार से शुरू हुआ दो दिवसीय सम्मेलन 6 सितंबर तक चलेगा। इसमें विशेषज्ञ किशोरों और युवाओं में होने वाले कैंसर की शुरुआती पहचान, समय पर जांच और आधुनिक उपचार पर चर्चा कर रहे हैं।
सम्मेलन में 15 से 40 वर्ष की उम्र के युवाओं में होने वाले कैंसर पर विशेष मंथन किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने कहा कि कई बार लंबे समय तक रहने वाले लक्षणों को सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। इससे बीमारी की पहचान में देरी हो सकती है। ऐसे में शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है।
बुखार, थकान को न करें नजरअंदाज
डीएम मेडिकल एवं हेमाटो-ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हेमंत मिश्रा ने बताया कि किशोरों और युवाओं में ब्लड कैंसर और सार्कोमा चिंता का विषय हैं। लंबे समय तक बुखार, लगातार थकान, खांसी, शरीर में गांठ या सूजन जैसे लक्षणों की जांच कराना जरूरी है। खासकर गर्दन और कांख में गांठ होने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। युवाओं में स्तन कैंसर के मामलों को लेकर भी सतर्कता जरूरी है।
कीमोथेरेपी और कार-टी सेल थेरेपी की चर्चा
सम्मेलन में कैंसर के आधुनिक उपचार पर भी विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। इसमें कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, सर्जरी और कार-टी सेल थेरेपी जैसे उपचार शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बीमारी की समय पर पहचान होने पर उपचार की दिशा तय करना आसान हो सकता है।