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बड़वानी कलेक्ट्रेट के बाहर बैठे किसान: चार गुना मुआवजे की कर रहे मांग; कहा- नहीं है पंचायत का प्रस्ताव

बड़वानी। NH-347B (देशगांव-जुलवानिया) के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर बड़ी संख्या में किसान कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। किसानों ने कार्यालय के गेट के बाहर धरना दिया। नारेबाजी करते हुए चार गुना मुआवजा दिए जाने की मांग की।

भारतीय किसान संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष मंशाराम पंचोले ने बताया- अगलगांव, निहाली, बाजड़, रुई, बोबलवाड़ी और कादवी गांवों के किसान भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हैं। किसानों के मुताबिक, इन गांवों की कृषि भूमि NH-347B के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई है। इसका फाइनल अवार्ड एसडीएम एवं सक्षम प्राधिकारी (CALA), राजपुर द्वारा 5 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था।

चार गुना मुआवजा देने की मांग
किसानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के लिए लागू कानून के तहत गुणांक 2 और 100 प्रतिशत सोलैटियम का प्रावधान है। इसी आधार पर वे कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार चार गुना मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्र के अनुसार मुआवजा मिले 
किसानों ने कहा कि उनके गांव किसी नगरपालिका, नगर निगम या नगर परिषद की सीमा में नहीं आते हैं। इसलिए उन्हें ग्रामीण क्षेत्र के नियमों के अनुसार मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने झाबुआ जिले में 26 मार्च 2026 को जारी भूमि अधिग्रहण अवार्ड का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां आंदोलन के बाद किसानों को चार गुना मुआवजा देने की मांग मानी गई थी।

पंचायत प्रस्ताव नहीं होने का भी आरोप
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि भूमि अधिग्रहण से पहले पंचायत ठहराव प्रस्ताव की अनिवार्यता का पालन नहीं किया गया। उन्होंने मौजूदा अवार्ड को रद्द कर नए सिरे से अवार्ड जारी करने और चार गुना मुआवजा देने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ तो भारतीय किसान संघ के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।

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