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बाढ़ का जायजा लेने दिल्ली से रीवा पहुंचे CM मोहन: सतना के 6 गांव में रेस्क्यू ऑपरेशन; उफान पर मंदाकिनी नदी

रीवा/सतना। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार रात दिल्ली से सीधे रीवा पहुंचे। उन्होंने रीवा के सर्किट हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सतना और रीवा में बाढ़ व जलभराव की स्थिति की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री रविवार को सतना जिले के चित्रकूट पहुंचकर मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का मौके पर जायजा लेंगे। इसके बाद वे जिले के अन्य प्रभावित क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे।

उफान पर मंदाकिनी नदी
चित्रकूट में लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई थी। बाढ़ के कारण रामघाट से हनुमान धारा जाने वाला पुराना पुल टूट गया। प्रशासन, एसडीआरएफ और सेना के हेलीकॉप्टर राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। छह आश्रय स्थलों पर बाढ़ प्रभावित लोगों और रुके श्रद्धालुओं के लिए भोजन,कपड़े, पीने का पानी और इलाज की व्यवस्था की गई है। राहत की बात है कि मंदाकिनी नदी का जलस्तर अब तेजी से घट रहा है। यहां बारिश ने 23 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। चित्रकूट में लोगों को अगले कुछ घंटों तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

चित्रकूट में 18 घंटे मूसलाधार बारिश
चित्रकूट में 18 घंटे में मूसलाधार बारिश हुई है, जिसकी वजह से मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और बाढ़ की स्थिति बन गई। गोरगी बांध फूटने की वजह से फिलहाल चित्रकूट में अलर्ट जारी किया गया है, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। चित्रकूट में अचानक आई बाढ़ की कुछ प्रमुख वजह भी सामने आई हैं। चित्रकूट से लगने वाला मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का कनेक्शन भी फिलहाल टूटा हुआ है।

श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित लोगों के साथ चित्रकूट में रुके श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित ठहरने और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सद्गुरु आश्रम में रुके श्रद्धालुओं के परिजनों से संपर्क कराने के लिए उनके मोबाइल नंबर लेने को भी कहा गया।

छह गांवों में चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
सतना कलेक्टर ने बताया कि छह गांवों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। अब तक सात लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। नया गांव डैम के टूटने से हुए नुकसान की जांच की जा रही है। मुख्यमंत्री ने बारिश के दौरान जनहानि और पशुहानि रोकने, जरूरत पड़ने पर कम प्रभावित जिलों से बचाव उपकरण बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भेजने और एनडीआरएफ की टीमों को मुस्तैद रखने के निर्देश दिए। रीवा कलेक्टर ने बताया कि जिले में स्थिति नियंत्रण में है। बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं और पशुहानि पर नियमानुसार सहायता राशि दी जाएगी।

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