MP के स्कूलों में जन्माष्टमी मनाना अनिवार्य: मुस्लिम स्कॉलर ने जताई आपत्ति, बोले- स्कूलों को धार्मिक आयोजनों से दूर रखें

भोपाल। मध्यप्रदेश के सभी स्कूलों में जन्माष्टमी पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए आदेश जारी किया है।
1 से 3 सितंबर तक स्कूलों में श्रीकृष्ण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम होंगे। इस आदेश को लेकर मुस्लिम स्कॉलर तौकीर निजामी ने आपत्ति जताई है।
उनका कहा कि किसी भी स्कूल को धार्मिक आयोजन के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। स्कूल शिक्षा का मंदिर है और यहां सभी ज्ञान लेने आते है।
गीता ज्ञान पर आधारित नाटक होंगे
DPI के निर्देश के अनुसार स्कूलों में कृष्ण लीला का मंचन किया जाएगा। गीता ज्ञान पर आधारित नाटक और नृत्य के कार्यक्रम भी होंगे। इसके अलावा श्रीकृष्ण से जुड़े मिथकों को लेकर व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।

गुरु-शिष्य परंपरा पर विशेष आयोजन के निर्देश
सांदीपनि स्कूलों में गुरु-शिष्य परंपरा पर विशेष आयोजन करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रमों की फोटो रिपोर्ट भी DPI ने मांगी है। स्कूलों और जिलों को कार्यक्रमों की फोटो रिपोर्ट dpividhya@gmail.com पर भेजनी होगी।
स्कूलों को धार्मिक आयोजनों से दूर रखा जाए
मुस्लिम स्कॉलर तौकीर निजामी ने DPI के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी भी स्कूल को किसी धार्मिक आयोजन के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा का मंदिर होता है और उसे धर्म विशेष के आयोजनों से दूर रखा जाना चाहिए।

धर्म विशेष के आयोजन को अनिवार्य करना सही नहीं
निजामी ने कहा कि यदि स्कूलों में धार्मिक आयोजन किए ही जाते हैं तो सभी धर्मों से जुड़े आयोजनों को समान रूप से शामिल किया जाना चाहिए। सिर्फ किसी एक धर्म विशेष के आयोजन को अनिवार्य करना सही नहीं है।