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मुआवजे की मांग किसान पुत्र की तबीयत बिगड़ी: भर्ती हुए देशराज मिश्रा; प्रशासन बोला- मांगें पूरी करना संभव नहीं

रीवा। गुढ़ के बेला गांव निवासी देशराज मिश्रा हाईटेंशन लाइन के पिलर के लिए उनकी जमीन के इस्तेमाल के विरोध में आमरण अनशन कर रहे हैं। तीन दिन तक पानी में अनशन करने के बाद देर रात कलेक्टर के पहुंचने और समझाइश के बाद उन्हें अनशन से उठाकर अस्पताल भेजा गया था।

इसके करीब 24 घंटे बाद देशराज फिर उसी जगह पहुंच गए और अनशन शुरू कर दिया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे फिलहाल कुछ खा नहीं रहे हैं और लिक्विड पर हैं।

जमीन से लाइन का रूट बदलने की मांग
देशराज मिश्रा का कहना है कि उनकी जमीन से हाईटेंशन लाइन निकाली जा रही है और लाइन के पिलर उनकी जमीन पर लगाए जाने हैं। उनकी मांग है कि हाईटेंशन लाइन का रूट बदला जाए। यदि ऐसा संभव नहीं है तो जमीन के लिए उचित मुआवजा दिया जाए।

देशराज के मुताबिक, कलेक्टर ने उन्हें 24 घंटे में उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था। जब उन्हें लगा कि तय समय में कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने दोबारा अनशन शुरू कर दिया।

तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल में भर्ती
लगातार अनशन के कारण देशराज की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद उन्हें संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें देर रात अस्पताल लाया गया था। फिलहाल उनकी स्थिति ठीक है, लेकिन लगातार खाना नहीं खाने से स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

अस्पताल प्रबंधन की ओर से उन्हें कुछ खाने के लिए समझाइश दी जा रही है। हालांकि देशराज अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक वह अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।

प्रशासन बोला- रूट बदलना संभव नहीं
प्रशासन के अनुसार देशराज जिस जमीन के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं, वह करीब 16×16 फीट का हिस्सा है। यहां हाईटेंशन लाइन का पिलर लगाया जाना है। देशराज इस जमीन के लिए करीब 40 लाख रुपए मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

कलेक्टर के अनुसार शासन के नियमों के मुताबिक जितनी जमीन का उपयोग पिलर के लिए किया जा रहा है, उसका निर्धारित शासकीय दर के आधार पर मुआवजा दिया जा रहा है। पिलर वाली जगह के अलावा बाकी जमीन का उपयोग भी भूमि मालिक कर सकता है। यदि आवागमन में किसी तरह की परेशानी होती है तो उसके लिए भी नियमानुसार मुआवजे का प्रावधान है।

हाईटेंशन लाइन का रूट बदलने में कई जमीनें प्रभावित होंगी
प्रशासन का कहना है कि हाईटेंशन लाइन का रूट मनमाने तरीके से बदला नहीं जा सकता। रूट बदलने पर पूरी लाइन की दिशा में बड़ा बदलाव करना पड़ेगा और ऐसी स्थिति में किसी अन्य व्यक्ति की जमीन प्रभावित होगी। इसी वजह से रूट डायवर्ट करने की मांग को स्वीकार करना प्रशासन के लिए संभव नहीं है।

राहुल मिश्रा, अधीक्षक, संजय गांधी अस्पताल
देशराज मिश्रा को देर रात अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उपचार चल रहा है। फिलहाल उनकी स्थिति ठीक है। लगातार प्रयास किया जा रहा है कि वे कुछ खाएं, क्योंकि लंबे समय तक भोजन नहीं लेने से स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।

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