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रीवा कलेक्टर ने आधी रात खत्म कराया जल सत्याग्रह: 48 घंटे बाद रुका विरोध; कहा- किसान पुत्र की बात मानेगी सरकार

रीवा। गुढ़ तहसील के ग्राम बेला निवासी किसान देशराज मिश्रा की कृषि भूमि पर हाईटेंशन लाइन और टावर लगाए जाने के विरोध में चल रहा आंदोलन 48 घंटे बाद प्रशासन के आश्वासन पर समाप्त हो गया।

देर रात करीब 11 बजे रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, गुढ़ एसडीएम, तहसीलदार और थाना प्रभारी अनशन स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसान के पुत्र से पूरे मामले की जानकारी ली और नियमानुसार मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया।

प्रशासन के आश्वासन के बाद किसान के पुत्र ने अनशन समाप्त कर दिया। इसके बाद पुलिस उसे मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर गई।

बिना उचित मुआवजे के शुरू किया काम 
किसान का आरोप है कि उनकी कृषि भूमि पर अडानी कंपनी द्वारा हाईटेंशन तार और टावर लगाए जा रहे हैं। इसके बदले में जमीन का उचित मुआवजा भी ते नहीं किया। देशराज मिश्रा का कहना है कि उन्होंने जमीन के उचित मुआवजे को लेकर अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।

विरोध में पानी में आधा डूबकर सत्याग्रह शुरू किया
इसके विरोध में उन्होंने पानी में आधा डूबकर सत्याग्रह शुरू किया। उनका आरोप है कि जब उन्होंने मामले में जवाब मांगा तो उन पर दबाव बनाया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देशराज मिश्रा से फोन पर बात की। पटवारी ने किसान की स्थिति और उनकी मांगों की जानकारी ली।

मुआवजे का उचित निर्धारण करें सरकार 
उन्होंने मामले को उद्योगपति और सरकार के मिले-जुले अत्याचार का मामला बताया। उन्होंने किसान के साथ खड़े होने की बात कही। कांग्रेस ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर किसान की शिकायत सुनने और जमीन के मुआवजे का उचित निर्धारण कराने की मांग की है।

आश्वासन के बाद खत्म हुआ अनशन 
करीब 48 घंटे तक चले अनशन के दौरान प्रशासन की ओर से देर रात मौके पर पहुंचकर किसान की बात सुनी गई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जो मांगें नियमानुसार उचित हैं, उनके निराकरण के लिए कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की समझाइश और आश्वासन के बाद अनशन समाप्त हुआ।

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